एवरेस्ट जीरा पाउडर के एक बैच पर FSSAI की कार्रवाई, कीटनाशक तय सीमा से ज्यादा
FSSAI ने एवरेस्ट जीरा पाउडर के बैच E080668761 को असुरक्षित घोषित कर बाजार से वापस मंगवाने के निर्देश दिए हैं।
अन्न सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मशहूर मसाला कंपनी एवरेस्ट फूड प्रॉडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के जीरा पाउडर के एक खास बैच के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। वजह यह है कि इस बैच में कीटनाशकों के अवशेष तय सीमा से ज्यादा पाए गए।
लैब की जांच में अझोक्सिस्ट्रोबिन (Azoxystrobin) और थियामेथोक्सम (Thiamethoxam) नाम के कीटनाशकों की मात्रा अधिकतम अवशेष सीमा (MRL) से ऊपर निकली। इसके बाद FSSAI ने इस बैच को 'असुरक्षित' घोषित कर दिया और इसे बाजार से तुरंत वापस मंगवाने के निर्देश दिए।
पूरा मामला गोवा के एक रिसॉर्ट से शुरू हुआ। FSSAI की टीम ने 'रिवरसाइड रिसॉर्ट्स अँड हॉलिडे होम्स प्राइवेट लिमिटेड' के परिसर से पहले से पैक एवरेस्ट जीरा पाउडर का आधिकारिक नमूना लिया था। प्राथमिक अन्न विश्लेषक की जांच में पता चला कि जीरा पाउडर में अझोक्सिस्ट्रोबिन और थियामेथोक्सम के अवशेष तय मानकों से ज्यादा हैं।
कंपनी ने इस नतीजे के खिलाफ अपील की। उसके बाद नमूना रेफरल फूड लेबोरेटरी भेजा गया। वहां की जांच में भी यही नतीजा सामने आया।
नियमों के मुताबिक जीरे के लिए अझोक्सिस्ट्रोबिन की अधिकतम अवशेष सीमा करीब 0.03 मिग्रा/किग्रा है, जबकि थियामेथोक्सम की सीमा 0.01 मिग्रा/किग्रा तय की गई है। रेफरल लैब के टेस्ट में दोनों रसायनों के अवशेष इस सीमा से ज्यादा मिले। इसी आधार पर FSSAI ने बैच वापस लेने का फैसला किया।
4 अक्टूबर 2026 को जारी नियामक आदेश में कंपनी से कहा गया है कि वह इस बैच का स्टॉक बाजार से तुरंत वापस मंगवाए और उसकी विस्तृत रिपोर्ट सौंपे।
यह कार्रवाई एवरेस्ट के सभी प्रोडक्ट्स पर नहीं है। यह सिर्फ 'E080668761' नंबर के बैच तक सीमित है। इसलिए घर में रखे एवरेस्ट जीरा पाउडर के पैकेट पर बैच नंबर देखना जरूरी है। अगर किसी पैकेट पर E080668761 बैच नंबर मिले, तो उसे खाने की चीज के तौर पर इस्तेमाल करना तुरंत बंद करने की अपील की गई है।
इसी दिन FSSAI ने खाद्य सुरक्षा को लेकर एक और कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की। 'शुगर अँड स्पाइस' ब्रांड से जुड़ी 'क्रिएटिव बेकर्स अँड कन्फेक्शनर्स प्राइवेट लिमिटेड' के यहां साफ-सफाई और सेहत से जुड़ी गंभीर खामियां मिलीं। इस वजह से कंपनी का फूड लाइसेंस फौरन सस्पेंड कर दिया गया है। लगातार हुई इन कार्रवाइयों से खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा पर FSSAI का सख्त रुख साफ दिखता है।