एशियन पैरा गेम्स: सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो F54 में 15.66 मीटर फेंककर जीता गोल्ड
ग्रेटर नोएडा की 44 साल की सुवर्णा राज ने महिलाओं के डिस्कस थ्रो F54 में सोना जीता। यह गेम्स में भारत का 15वां गोल्ड है।
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एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की सुवर्णा राज ने महिलाओं के डिस्कस थ्रो F54 इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 15.66 मीटर का अपना सबसे अच्छा थ्रो फेंका। ग्रेटर नोएडा की रहने वाली सुवर्णा 44 साल की हैं।
सुवर्णा ने अपने छह प्रयासों में से चार में 15 मीटर से ज्यादा दूरी तक डिस्कस फेंका। उनका सबसे अच्छा थ्रो पांचवें प्रयास में आया और उसी ने उन्हें गोल्ड दिलाया।
यह गेम्स में भारत का 15वां गोल्ड मेडल है। चौथे दिन का यह भारत का पहला गोल्ड रहा। ईरान की शाहला हदीदी 15.45 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे नंबर पर रहीं। वियतनाम की थी न्गोक थुई न्गुयेन ने 14.65 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
सुवर्णा व्हीलचेयर इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने 2017 में इस खेल की शुरुआत की थी और तब से पिंटू नागर की देखरेख में लगातार मेहनत करती आ रही हैं। वे तीन एशियन पैरा गेम्स और कई इंटरनेशनल मुकाबलों में भारत की नुमाइंदगी कर चुकी हैं। डिस्कस थ्रो के F54 इवेंट में वे एशिया में दूसरे नंबर पर हैं।
इस साल की उनकी पिछली कामयाबियां भी कम नहीं हैं। 17वीं फाज़्ज़ा इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में उन्होंने महिलाओं के डिस्कस थ्रो F54/55 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसी साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा ट्रैक मीट में उन्होंने डिस्कस थ्रो में गोल्ड और शॉट पुट में सिल्वर जीता।
F54 कैटेगरी उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें धड़ और पैरों में दिव्यांगता है और जो व्हीलचेयर पर बैठकर डिस्कस फेंकते हैं। ये खिलाड़ी शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत और हाथों की रफ्तार से जोर पैदा करते हैं।
मैदान के बाहर भी सुवर्णा की अपनी पहचान है। वे एक्सेसिबिलिटी स्पेशलिस्ट और दिव्यांग अधिकारों की समर्थक के तौर पर काम करती हैं। दिव्यांग लोगों के सामने आने वाली रुकावटों को पहचानने के लिए उन्होंने पूरे भारत में 1,000 से ज्यादा एक्सेसिबिलिटी ऑडिट किए हैं।
उन्हें 2015 में खेल मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वे चुनाव आयोग की ब्रांड एंबेसडर भी रह चुकी हैं। सरकार की सालाना ट्रेनिंग और कॉम्पिटिशन योजना (ACTC) के तहत उन्हें ट्रेनिंग और मुकाबलों के खर्च के लिए Rs 770,607 की आर्थिक मदद दी गई है।
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