एसआईआर में दावे और आपत्तियों की आख़िरी तारीख़ बढ़कर 12 अक्टूबर, चंद्रपुर में शिविर
चंद्रपुर में एसआईआर-2026 के दावे और आपत्तियों की मियाद 12 अक्टूबर 2026 तक बढ़ी। नोटिस वाले मतदाताओं को तहसील नहीं जाना होगा।
चंद्रपुर में भारत निवार्चन आयोग के विशेष सघन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर)-2026 के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की मियाद बढ़ा दी गई है। अब यह काम 12 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकेगा।
जिन मतदाताओं को "नो मैपिंग" या तार्किक विसंगति की वजह से नोटिस मिला है, उन्हें कागजात देने के लिए तहसील कार्यालय में खुद जाने की जरूरत नहीं है। संबंधित मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं के घर जाकर जरूरी कागजात इकट्ठा करेंगे।
मतदाता सूची में नाम का मिलान न होने या तार्किक विसंगति के चलते नोटिस पाने वाले मतदाताओं को मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) या तहसील कार्यालय में सुनवाई के लिए आना जरूरी नहीं है। जिन्हें पहले नोटिस मिल चुका है, वे जरूरी कागजात तैयार रखें। बीएलओ घर आकर उन्हें ले जाएंगे। मतदाता चाहें तो व्हाट्सऐप या उपलब्ध ऑनलाइन तरीके से भी कागजात भेज सकते हैं।
तार्किक विसंगति वाले मामलों में सिर्फ उसी विसंगति से जुड़े जरूरी कागजात, बीएलओ की जांच रिपोर्ट या पंचनामे के आधार पर फैसला लिया जाएगा। जहां तय कागजात नहीं हैं, या दिए गए कागजात से फैसला करना मुमकिन नहीं है, ऐसे अपवाद वाले मामलों में जहां तक हो सके ऑनलाइन सुनवाई होगी। सुनवाई में संबंधित मतदाता या उनके परिवार का कोई बालिग सदस्य शामिल हो सकता है।
आखिरी फैसले से पहले मतदाता को जरूरी कागजात देने का पूरा मौका दिया जाएगा। जरूरी मामलों की जानकारी राजनीतिक पार्टियों के मतदान केंद्र स्तरीय प्रतिनिधियों को भी दी जाएगी, ताकि कागजात जुटाने के लिए उन्हें काफी वक्त मिले।
बढ़ी हुई मियाद में कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए, इसके लिए जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 3 और 4 अक्टूबर तथा 10 और 11 अक्टूबर 2026 को विशेष शिविर लगेंगे। इन दिनों संबंधित बीएलओ केंद्र पर मौजूद रहेंगे। शिविरों में फॉर्म 6 से नए मतदाताओं का पंजीकरण होगा, प्रारूप मतदाता सूची में नाम की जांच होगी, और सुधार के लिए फॉर्म 8 भरा जा सकेगा। नोटिस पाने वाले मतदाताओं के जरूरी कागजात भी वहां लिए जाएंगे।
जिले के जूनियर और सीनियर कॉलेजों में 5 से 9 अक्टूबर के बीच छात्रों का फॉर्म 6 के जरिए ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण कराने पर जोर रहेगा। औद्योगिक प्रतिष्ठानों, कंपनियों, कारखानों और सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं के पात्र नागरिकों का पंजीकरण आसान बनाने के लिए 12 अक्टूबर तक मतदाता जागृति मंच के जरिए विशेष शिविर भी लगेंगे।
घर बैठे भी मतदाता प्रारूप सूची में अपना नाम देख सकते हैं, नए पंजीकरण के लिए फॉर्म 6 और सुधार के लिए फॉर्म 8 ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके लिए चुनाव आयोग का Voters' Services Portal, ECINET और Voter Helpline App इस्तेमाल हो सकते हैं। एसआईआर, मतदाता सूची, नोटिस, पंजीकरण या शिविरों की जानकारी के लिए 1950 मतदाता हेल्पलाइन उपलब्ध है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारियों को सूचना दी गई है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए, इसका खास ध्यान रखा जाए। पुख्ता सबूत न होने पर कोई भी प्रतिकूल फैसला लेने से पहले मतदाता को कागजात देने और अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा।
जिलाधिकारी वसुमना पंत ने अपील की है कि नोटिस पाने वाले मतदाता घबराकर तहसील कार्यालय में भीड़ न लगाएं। वे अपने मतदान केंद्र के बीएलओ से संपर्क करें, विशेष शिविरों का फायदा उठाएं या ऑनलाइन सुविधाओं का इस्तेमाल करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी अफवाह या अप्रमाणित जानकारी पर भरोसा न किया जाए।
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