दिवाली पर मुख्य दरवाजे के लिए कौन सा तोरण, आम या अशोक की पत्तियों का, वास्तुशास्त्र में माना जाता है शुभ
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वास्तुशास्त्र के मुताबिक दिवाली पर घर के मुख्य दरवाजे पर आम या अशोक की पत्तियों, या कौड़ी और सीप का तोरण शुभ माना गया है। तोरण साफ और अच्छी हालत में होना चाहिए।
दिवाली और दूसरे शुभ मौकों पर घर के मुख्य दरवाजे पर तोरण बांधने का चलन है। वास्तुशास्त्र के मुताबिक मुख्य दरवाजे पर तोरण बांधने का खास महत्व है। बताया गया है कि इससे घर में ऊर्जा का प्रवेश होता है। तोरण से घर का दरवाजा सुंदर दिखता है और धार्मिक मान्यता के अनुसार घर में शुभता का माहौल बनता है।
आम और अशोक की पत्तियों से लेकर कौड़ी के बंधनवार तक, कई तरह के तोरण शुभता और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं। सवाल यह है कि मुख्य दरवाजे पर कौन सा तोरण बांधना शुभ समझा जाता है। इसी पर नीचे एक-एक करके बात।
सबसे पहले आम की पत्तियों का तोरण। सनातन धर्म में आम की पत्तियों को शुभ माना जाता है। पूजा, शादी और त्योहारों के वक्त आम की पत्तियों का तोरण लगाने की परंपरा है। यह तोरण मंगल और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि मुख्य दरवाजे पर ताजी आम की पत्तियों का तोरण रखने से घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है।
दूसरा विकल्प अशोक की पत्तियों का है। मुख्य दरवाजा सजाने के लिए अशोक की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें भी शुभता और समृद्धि से जोड़ा जाता है। इसलिए त्योहार या किसी शुभ मौके पर अशोक की पत्तियों का तोरण बांधा जा सकता है। इसे लगाते वक्त यह देख लेना चाहिए कि पत्तियां ताजी हों और तोरण दरवाजे से कसकर बंधा हो।
जो लोग ऐसा बंधनवार चाहते हैं जो बार-बार काम आ सके, उनके लिए कौड़ी, सीप या मोतियों से बना तोरण अच्छा विकल्प है। कौड़ी को देवी लक्ष्मी और धन व समृद्धि से जुड़ा माना जाता है। इस तरह के सजावटी बंधनवार त्योहारों के दिनों में घर के मुख्य दरवाजे की शोभा बढ़ा सकते हैं और पारंपरिक सजावट का हिस्सा भी बन सकते हैं।
तोरण को लेकर एक बात और कही गई है। वास्तुशास्त्र के अनुसार मुख्य दरवाजे पर साफ और अच्छी हालत वाला तोरण ही रखना चाहिए। अगर तोरण टूटा हुआ हो, उस पर धूल जमी हो या वह किसी और तरह से पुराना और खराब हो गया हो, तो उसे साफ करना चाहिए या बदल देना चाहिए। प्राकृतिक पत्तियों से बना तोरण वक्त के साथ सूख सकता है या उसका रंग फीका पड़ सकता है, इसलिए उसे फौरन बदल देना चाहिए। ताजी पत्तियां लगाने से सजावट की खूबसूरती भी बढ़ती है।
इस तरह दिवाली के मौके पर आम की पत्तियां, अशोक की पत्तियां या कौड़ी और सीप के तोरण, तीनों को शुभ माना गया है। शर्त इतनी है कि तोरण साफ और सही हालत में हो।
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