बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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20:32 IST

दिवाली के बाद लगेगा यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर MDR, NPCI ने आगे बढ़ाई शुरुआत

NPCI ने कहा है कि चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई लेन-देन पर MDR दिवाली के बाद लागू होगा। तारीख, दर और सीमा की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

दिवाली के बाद लगेगा यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर MDR, NPCI ने आगे बढ़ाई शुरुआत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी NPCI ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को साफ किया है कि यूपीआई से होने वाले चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट पर 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (MDR) अब आने वाली दिवाली के बाद लागू किया जाएगा।

मुंबई से 13 अक्टूबर 2026 को जारी अपने आधिकारिक बयान में NPCI ने कहा कि त्योहारों का मौसम और ग्राहकों की बढ़ती खरीदारी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नई व्यवस्था किस तारीख से शुरू होगी, यह अभी नहीं बताया गया है। तारीख की अलग से अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी।

पहले माना जा रहा था कि यह नियम 15 अक्टूबर से लागू हो सकता है। लेकिन अब त्योहारों की अहमियत और ग्राहकों की सहूलियत को देखते हुए इसे दिवाली के बाद लागू करने की तैयारी जताई गई है। NPCI के आधिकारिक बयान में शुल्क की सही दर और सीमा की अब तक पुष्टि नहीं की गई है।

यह फैसला NPCI की 'यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी' की 13 अक्टूबर को हुई बैठक में लिया गया। बैठक में चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई ट्रांजैक्शन पर MDR लगाने की बात तय हुई। मतलब यह कि नई व्यवस्था उन्हीं लेन-देन से जुड़ी होगी, जहां ग्राहक यूपीआई के जरिए किसी कारोबारी या दुकानदार को पैसे देता है।

प्रस्ताव के मुताबिक 2,000 रुपये से ज्यादा रकम के चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाने की बात थी। इससे पहले इसे 15 अक्टूबर से लागू करने पर चर्चा चल रही थी, मगर अब यह दिवाली के बाद ही अमल में आएगा।

MDR दरअसल वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के लिए दुकानदार या व्यापारी से लिया जाता है। प्रस्ताव लागू होने पर चुनिंदा मर्चेंट लेन-देन पर इसका असर पड़ सकता है। लेकिन इसका सीधा बोझ आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा या नहीं, यह पूरी तरह अंतिम नियमों और शुल्क के दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा।

फिलहाल इतना ही साफ है कि यह फैसला सिर्फ चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई लेन-देन के लिए है। किस तरह के लेन-देन पर शुल्क लगेगा, दर कितनी होगी और व्यवस्था किस तारीख से असल में शुरू होगी, इन सवालों के पक्के जवाब के लिए नागरिकों और व्यापारियों को कुछ और इंतजार करना होगा।

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