एडिडास के गुरुग्राम टेक हब में छंटनी, 700 में से 350 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित होने की आशंका
स्पोर्ट्सवेअर कंपनी एडिडास ने भारत में अपने टेक्नोलॉजी डिवीजन में कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लिया है, जिसका सीधा असर गुरुग्राम के इंडिया टेक हब पर पड़ रहा है।
ग्लोबल स्पोर्ट्सवेअर कंपनी एडिडास ने भारत में अपने टेक्नोलॉजी डिवीजन में कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लिया है। गुरुग्राम स्थित इंडिया टेक हब में करीब 50 फीसदी कर्मचारी इस कपात से प्रभावित होने की खबर है। हालांकि कंपनी ने अभी तक प्रभावित कर्मचारियों की सही संख्या आधिकारिक तौर पर जाहीर नहीं की है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और डेटा इंजीनियर जैसे कई टेक्नोलॉजी से जुड़े पदों पर इसका असर बताया जा रहा है।
एडिडास ने माना है कि उसने भारत में अपने टेक्नोलॉजी ऑर्गनाइजेशन में कुछ पोजिशन कम करने का फैसला लिया है। कंपनी के मुताबिक, बदलती बिजनेस जरूरतों के हिसाब से ऑपरेटिंग मॉडल को ढालना ही इस फैसले की वजह है। इसके अलावा संगठन के भीतर कुछ प्रोसेस को आसान बनाना, जरूरी टेक्निकल क्षमताओं को मजबूत करना और आने वाले समय की बिजनेस जरूरतों के लिए कंपनी को तैयार करना भी इस बदलाव के पीछे बताया गया है।
गुरुग्राम स्थित एडिडास इंडिया टेक हब में करीब 700 कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से 350 या उससे ज्यादा कर्मचारियों पर इस छंटनी का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यानी कुल स्टाफ का करीब 45 से 50 फीसदी हिस्सा इससे प्रभावित हो सकता है। हालांकि यह आंकड़ा एडिडास ने अभी तक फाइनल नहीं किया है।
15 सितंबर को हुई एक टाउन हॉल मीटिंग में कर्मचारियों को इस फैसले की जानकारी दी गई। खबर के मुताबिक कुछ कर्मचारियों को उसी दिन एक्जिट लेटर थमा दिया गया, वहीं दूसरे ग्रुप के कर्मचारियों से दिसंबर तक कंपनी में बने रहने को कहा गया है। इस दौरान उन्हें दूसरे टेक हब में मौजूद अपने साथियों को काम सौंपना होगा। अगर इस बीच उन्हें कंपनी के भीतर कोई दूसरी भूमिका नहीं मिलती है, तो 15 दिसंबर उनके काम का आखिरी दिन हो सकता है। हालांकि सेवेरन्स पैकेज या नोटिस पीरियड को लेकर अभी तक कोई साफ जानकारी सामने नहीं आई है।
गुरुग्राम के ऑफिस में एडिडास का लोकल मार्केटिंग ऑपरेशन और ग्लोबल इंजीनियरिंग टेक हब दोनों मौजूद हैं। भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए कंपनी ने 2024 में चेन्नई में एक ग्लोबल बिजनेस सर्विसेज सेंटर भी शुरू किया था। अब टेक डिवीजन में हो रही यह छंटनी कंपनी के ग्लोबल टेक्नोलॉजी और ऑपरेशनल स्ट्रक्चर में हो रहे बदलावों की ओर इशारा कर रही है।