बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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23:34 IST

धाराशिव के बांधों में सिर्फ 6.44 फीसदी पानी बचा, विधायक पाटील ने पानी बचाने को कहा

धाराशिव जिले के सिंचाई प्रकल्पों में 11 अक्टूबर को केवल 6.44 फीसदी उपयोगी पानी बचा है। विधायक राणाजगजितसिंह पाटील ने लोगों से अगले 10 महीने पानी किफायत से इस्तेमाल करने की अपील की है।

धाराशिव के बांधों में सिर्फ 6.44 फीसदी पानी बचा, विधायक पाटील ने पानी बचाने को कहा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

बारिश का मौसम खत्म होने को है, फिर भी धाराशिव जिले में पानी की किल्लत का संकट गहराने लगा है। बढ़ता तापमान, तेजी से हो रहा वाष्पीकरण और नीचे जाता भूजल स्तर, इन वजहों से आने वाली गर्मी में जिले में पानी की बड़ी कमी होने की आशंका है। विधायक राणाजगजितसिंह पाटील ने लोगों से पानी का बहुत किफायत से इस्तेमाल करने की अपील की है।

जिले के सिंचाई प्रकल्पों में 11 अक्टूबर को सिर्फ 6.44 फीसदी उपयोगी पानी बचा था। यही पानी अगले 10 महीने चलाना होगा। जिले के सिंचाई प्रकल्पों की कुल उपयोगी जल भंडारण क्षमता करीब 725 दशलक्ष घनमीटर (दलघमी) है।

1 सितंबर को इन प्रकल्पों में 59.6 दलघमी पानी था। सिर्फ 41 दिनों में, यानी 11 अक्टूबर तक, इसमें 12.85 दलघमी की कमी आई और भंडार अब 46.75 दलघमी रह गया है, जो 6.44 फीसदी बैठता है। अक्टूबर में जिले का अधिकतम तापमान आम तौर पर 30 से 31 डिग्री सेल्सियस रहता है, लेकिन इस बार यह 34 से 35 डिग्री तक पहुंच गया है। इसी वजह से पानी तेजी से भाप बनकर उड़ रहा है।

भूजल की हालत भी ठीक नहीं है। 1 सितंबर को जिले में भूजल स्तर की गिरावट 6 मीटर थी, जो अक्टूबर के पहले हफ्ते में सीधे 8.66 मीटर तक पहुंच गई। विधायक पाटील ने आशंका जताई है कि इसका बड़ा असर कुओं और बोरवेल के पानी पर पड़ेगा।

पाटील के मुताबिक 2015 में जिले में भीषण पानी की किल्लत हुई थी। तब जल भंडार घटकर 12 दलघमी रह गया था और प्रशासन को 468 टैंकर चलाने पड़े थे। वैसी हालत फिर न बने, इसलिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। संभावित संकट से निपटने के लिए हर गांव में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पीने के पानी का इंतजाम, जानवरों के लिए चारे और पानी की उपलब्धता और ग्रामीण इलाकों में रोजगार देने को प्राथमिकता दी जा रही है।

पाटील ने कहा, "पानी की किल्लत से निपटना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, हर नागरिक का फर्ज है। राजनीति को किनारे रखकर सभी पार्टियां सामूहिक जिम्मेदारी से काम करें और नागरिक पानी की बर्बादी से बचें।"

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