धनत्रयोदशी पर लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
दिवाली में लक्ष्मी और गणपति की पूजा का खास महत्व है। मूर्ति खरीदते समय कौन सी बातें देखनी चाहिए, यहां जानिए।
दिवाली में गणपति और लक्ष्मी देवी की पूजा को धार्मिक महत्व दिया गया है। लक्ष्मी देवी को धन, समृद्धि और खुशहाली की देवी माना जाता है। कहा जाता है कि उनका आशीर्वाद सुख, समृद्धि, आर्थिक स्थिरता और खुशहाली लेकर आता है। वहीं गणपति बुद्धि और विवेक के देवता हैं और उन्हें विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है।
दिवाली के दिनों में घर में गणपति और लक्ष्मी देवी की पूजा की जाती है। इसके लिए दोनों की मूर्तियां किसी खास जगह पर स्थापित करके पूजा करना जरूरी बताया गया है।
धार्मिक श्रद्धा के मुताबिक धनत्रयोदशी के दिन लक्ष्मी और गणपति की मूर्ति खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सही तरीके से पूजा करने पर धन और समृद्धि आती है, साथ ही परिवार में आनंद, शांति और सौभाग्य बढ़ता है। ऐसे में मूर्ति खरीदते वक्त किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, आइए देखते हैं।
दिवाली की शुरुआत वसुबारस से होती है। आम तौर पर लक्ष्मी और गणपति की मूर्तियां धनत्रयोदशी के दिन ही खरीदी जाती हैं। इस वक्त खास सावधानी बरतना जरूरी है। सबसे पहली बात, लक्ष्मी और गणपति की एक साथ बनी मूर्ति कभी नहीं खरीदनी चाहिए। दोनों की मूर्तियां अलग-अलग होनी चाहिए।
गणेश जी की मूर्ति ऐसी लें जिसके हाथ में मोदक हो। मोदक होना ही चाहिए। मोदक को ज्ञान, आनंद और भौतिक व सामाजिक समृद्धि का प्रतीक माना गया है। मूर्ति में उनका वाहन चूहा भी दिखना चाहिए। बताया गया है कि ऐसी गणेश मूर्ति घर में सकारात्मक ऊर्जा, शुभता और समृद्धि लाती है। साथ ही गणेश जी की सूंड बाईं तरफ मुड़ी हुई होनी चाहिए।
अब बात लक्ष्मी देवी की। उल्लू पर बैठी लक्ष्मी देवी की तस्वीर नहीं खरीदनी चाहिए, क्योंकि शास्त्र के मुताबिक उल्लू पर विराजमान लक्ष्मी को काली का प्रतीक माना जाता है। इसके बजाय कमल के फूल पर बैठी लक्ष्मी देवी की मूर्ति लेनी चाहिए। कमल पवित्रता, सुंदरता और स्थायी समृद्धि का प्रतीक है।
मूर्ति लेते समय यह भी पक्का कर लें कि देवी का दायां हाथ वरद मुद्रा में हो और बाएं हाथ से सोने के सिक्के बरस रहे हों। यह मुद्रा बताती है कि देवी अपने भक्तों पर धन, समृद्धि और सौभाग्य की बारिश कर रही हैं। खड़ी मुद्रा वाली लक्ष्मी देवी की मूर्ति खरीदने से बचना चाहिए।
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