चंद्रपूर की दीक्षाभूमी का ५६ करोड़ में कायाकल्प, जल्द भूमिपूजन
विधायक किशोर जोरगेवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीक्षाभूमी विकास योजना का खुलासा किया।
चंद्रपूर की दीक्षाभूमी का पूरा नक्शा अब बदलने वाला है। इसके लिए मंजूर हुआ है ५६ करोड़ ९० लाख रुपये का फंड, और जल्द ही इस काम का भूमिपूजन भी होगा। यह जानकारी चंद्रपूर के विधायक किशोर जोरगेवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
जोरगेवार ने बताया कि इस ऐतिहासिक जगह पर बाबासाहेब की ५१ फुट ऊंची मूर्ति लगाई जाएगी। इसके अलावा यहां कम्युनिटी हॉल, विपश्यना केंद्र, थीम पार्क और नया विहार भी बनेगा। परिसर में ३ नए प्रवेश द्वार भी बनाए जाएंगे।
विधायक जोरगेवार ने साल २०२० के बजट सत्र में ही दीक्षाभूमी के विकास के लिए फंड की मांग रखी थी। उनकी इस मांग को आखिरकार कामयाबी मिली और ५६ करोड़ ९० लाख रुपये का फंड मंजूर हो गया। यह पैसा फिलहाल समाज कल्याण विभाग के पास आया है, और वहां से समय-समय पर सार्वजनिक बांधकाम विभाग को दिया जाएगा।
जोरगेवार ने भरोसा जताया कि इतना बड़ा फंड मिलने के बाद आने वाले समय में यह जगह दुनियाभर में पर्यटन के लिए मशहूर हो जाएगी।
विधायक ने यह भी कहा कि चंद्रपूर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए वे हमेशा काम करते रहेंगे। इसमें आगे ताडोबा सफारी प्रोजेक्ट, महाकाली मंदिर परिसर का विकास और हेरिटेज वॉक जैसे कई काम शामिल हैं।
उन्होंने यह भी माना कि फिलहाल दीक्षाभूमी के विकास काम में कुछ अड़चनें डालने की कोशिश हो रही है। लेकिन उन्होंने कहा कि इन अड़चनों पर ध्यान न देकर, बाबासाहेब के कदमों से जुड़ी इस पवित्र दीक्षाभूमी के विकास में सभी समाजबंधु साथ दें, ऐसी अपील उन्होंने की।
जोरगेवार ने कहा कि दीक्षाभूमी के काम में अगर किसी को कोई कमी नजर आए तो समाजबंधु उसे लिखित में दें, प्रशासन उन कमियों को दुरुस्त करेगा। इसलिए इस पावन भूमि के विकास में सभी सहयोग करें, यह अपील भी विधायक ने की।
फिलहाल दीक्षाभूमी को लेकर जो कन्फ्यूजन फैला हुआ है, उसे लेकर विधायक जोरगेवार घोटेकर और खोब्रागड़े परिवार की राय जानकर, दीक्षाभूमी परिसर में और क्या-क्या होना चाहिए, यह लिखित में जानने वाले हैं।
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