बोर्ड परीक्षा की तैयारी: टाइम टेबल, लिखने की प्रैक्टिस और रिविजन के आसान तरीके
बोर्ड परीक्षा पास आने पर पढ़ाई का तरीका क्या हो, रोज़ कितने घंटे पढ़ें और रिविजन कैसे करें, यहां सब आसान भाषा में।
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बोर्ड परीक्षा का वक्त नज़दीक आने लगे तो स्टूडेंट्स को पढ़ाई पर और ज़्यादा ध्यान देना पड़ता है। इस दौरान सिर्फ़ ज़्यादा घंटे बैठना ही काफ़ी नहीं है। सही तरीके से पढ़ना, वक्त पर रिविजन करना और सवालों की प्रैक्टिस करना भी उतना ही ज़रूरी है। अगर आप चाहते हैं कि परीक्षा के वक्त कोई दिक्कत न आए, तो सही टाइम टेबल और रोज़ की मेहनत से पढ़ाई आसान बन सकती है। आइए जानते हैं कि बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी कैसे करनी चाहिए।
पहला सवाल यही आता है कि रोज़ कितने घंटे पढ़ाई करें। हर स्टूडेंट का पढ़ने का वक्त अलग होता है। यह इस पर टिका है कि स्कूल का काम कितना है और किन सब्जेक्ट्स पर ज़्यादा ध्यान देना है। शुरुआत स्कूल के बाद रोज़ 3 से 4 घंटे मन लगाकर पढ़ने से करें और इस वक्त को कुछ हिस्सों में बांट लें। ज़रूरत के हिसाब से पढ़ाई का वक्त धीरे-धीरे बढ़ाते जाएं। पढ़ते वक्त मोबाइल दूर रखें, ताकि ध्यान न भटके। इससे कम वक्त में भी अच्छी पढ़ाई हो पाएगी।
दूसरी बात, पढ़ाई का टाइम टेबल बनाएं। सबसे पहले अपना टाइम टेबल तैयार करें, जिसमें सारे सब्जेक्ट्स को जगह दें। जो सब्जेक्ट मुश्किल लगते हैं, उनके लिए थोड़ा ज़्यादा वक्त रखें। पूरे दिन एक ही सब्जेक्ट पढ़ने के बजाय अलग-अलग विषय पढ़ें, इससे मन भी लगा रहेगा। अपनी सुविधा के हिसाब से सुबह या शाम के वक्त पढ़ाई करें। हर दिन के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य रखें और दिन खत्म होने से पहले उन्हें पूरा करने की कोशिश करें। इससे पढ़ाई का टेंशन कम लगेगा और सभी सब्जेक्ट्स पर ध्यान देना आसान होगा।
सिर्फ़ किताब पढ़ लेने से तैयारी पूरी नहीं होती। बोर्ड एग्ज़ाम में सवालों के जवाब लिखने भी पड़ते हैं, इसलिए लिखकर प्रैक्टिस करना ज़रूरी है। गणित में रोज़ सवाल हल करें। साइंस में ज़रूरी डायग्राम और फॉर्मूले बार-बार देखें। सोशल साइंस में अहम मुद्दों के छोटे नोट्स बनाएं। हिंदी और अंग्रेज़ी जैसे विषयों में भी लिखने की प्रैक्टिस करें। इसके अलावा पिछले सालों के प्रश्नपत्र और सैंपल पेपर हल करें। इससे आपको परीक्षा के सवालों का अंदाज़ा होगा और दिए गए वक्त की सीमा में पेपर पूरा करने की आदत भी पड़ेगी।
बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी में रिविजन यानी दोहराई बहुत अहम है। जो टॉपिक आप आज पढ़ते हैं, उसे कुछ वक्त बाद दोबारा ज़रूर देखें। इससे पढ़ी हुई चीज़ें याद रखने में मदद मिलती है। अहम तारीखों, फॉर्मूलों और परिभाषाओं के छोटे नोट्स भी बनाएं। हफ़्ते में एक दिन अपनी पढ़ाई का हिसाब भी जांचें। देखें कि कौन से विषय पूरे हो चुके हैं और किन टॉपिक्स को फिर से पढ़ने की ज़रूरत है। इससे तैयारी सही दिशा में चलती रहेगी।
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