भवानीनगर के छत्रपती कारखाने में 26 दिन में दो लाख टन से ज्यादा गन्ने की पेराई
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श्री छत्रपती सहकारी साखर कारखाने ने 6 नवंबर तक 2 लाख 1 हजार 649 मेट्रिक टन गन्ने की पेराई की।
भवानीनगर के श्री छत्रपती सहकारी साखर कारखाने ने इस पेराई सीजन में दो लाख मेट्रिक टन गन्ने की पेराई का अहम पड़ाव पार कर लिया है। 6 नवंबर तक 26 दिनों में कारखाने ने कुल 2 लाख 1 हजार 649 मेट्रिक टन गन्ने की पेराई की। इस कामयाबी का श्रेय संचालक मंडल के सोचे-समझे कामकाज को दिया गया है। कारखाने के सदस्यों और मज़दूरों में इससे खुशी का माहौल है।
कारखाने के अध्यक्ष पृथ्वीराज जाचक ने 'वजन सही, पैसे नकद' की नीति का ऐलान किया था, और अब उस पर असरदार तरीके से अमल हो रहा है। गन्ना उत्पादकों को उनके गन्ने का सही वजन मिल रहा है और पैसे भी वक्त पर मिल रहे हैं। इससे कारखाने पर उनका भरोसा और पक्का हुआ है। नतीजा यह है कि कारखाने के कार्यक्षेत्र से बाहर के कई इलाकों के किसान भी अपना गन्ना पेराई के लिए छत्रपती कारखाने को देना पसंद कर रहे हैं।
चालू सीजन के लिए अध्यक्ष पृथ्वीराज जाचक, उपाध्यक्ष शिवाजीराव निंबाळकर और संचालक मंडल ने प्रति टन 3 हजार 501 रुपये की पहली किस्त देने का फैसला किया है। कारखाने के सामने आर्थिक अड़चनें हैं, फिर भी उसने सदस्यों, मज़दूरों और सप्लायरों की देनदारी वक्त पर चुकाने का रुख बनाए रखा है। मज़दूरों को 15 फीसदी बोनस देने का फैसला भी हुआ है। इससे कारखाने के लेन-देन को लेकर भरोसा बना है।
6 नवंबर के आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में 8 हजार 693 टन गन्ने की पेराई हुई। अब तक 1 लाख 89 हजार 100 क्विंटल चीनी बनी है। आज की शुगर रिकवरी 10.43 फीसदी रही, जबकि सीजन की औसत रिकवरी 9.65 फीसदी दर्ज की गई है।
इस बार पेराई सीजन की शुरुआत भी पिछले सालों के मुकाबले जल्दी की गई। सही प्लानिंग, गन्ना उत्पादकों को दी गई तरजीह, वक्त पर होने वाला भुगतान और मज़दूरों के सहयोग से पेराई को रफ्तार मिली है। मशीनरी का काम वक्त पर और योजना के साथ निपटाया गया, इसलिए कारखाने की रोज की पेराई क्षमता आठ हजार मेट्रिक टन से ज्यादा है।
कारखाने के बिजली सह-उत्पादन प्रोजेक्ट से इस सीजन में अब तक 84,51,800 यूनिट बिजली बनी है। इसमें से 53,30,000 यूनिट बिजली बाहर भेजी गई है।
पिछले साल के सीजन में 6 तारीख तक कारखाने ने सिर्फ 23,550 मेट्रिक टन गन्ने की पेराई की थी। पेराई की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि छत्रपती कारखाना इस साल के सीजन में गन्ने की रिकॉर्ड पेराई कर सकता है।
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