भाईंदर में शिवसेना के कंटेनरों पर बीजेपी पार्षद का आरोप, वीडियो वायरल
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
भाईंदर पूर्व के सोनल पार्क में शिवसेना के कंटेनरों के गलत इस्तेमाल का आरोप बीजेपी पार्षद तरुण शर्मा ने लगाया है और पुलिस से कार्रवाई मांगी है।
भाईंदर पूर्व के सोनल पार्क इलाके में शिवसेना के कंटेनरों को लेकर सियासत गरमा गई है। ये कंटेनर एक प्राइवेट जगह पर रखे गए हैं। बीजेपी के पार्षद तरुण शर्मा ने आरोप लगाया है कि लोगों के सामाजिक काम के लिए लाए गए इन कंटेनरों का इस्तेमाल दूसरे ही कामों के लिए हो रहा है।
दावा किया जा रहा है कि एक कंटेनर में डेकोरेशन का सामान भरा हुआ मिला है। वहीं दूसरे कंटेनर में कुछ युवाओं की अश्लील हरकतें कैमरे में कैद हुई हैं। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में खूब चर्चा हो रही है।
बताया गया है कि ये कंटेनर शिवसेना की तरफ से नागरिकों की सेवा के लिए उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन नगर निगम की कार्रवाई से बचने के लिए इन्हें पहले वाली जगह से हटाकर सोनल पार्क की एक प्राइवेट जगह पर रख दिया गया। अब आरोप है कि इनका इस्तेमाल सामाजिक काम के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह निजी और संदिग्ध कारणों के लिए हो रहा है।
तरुण शर्मा की दी हुई जानकारी के मुताबिक एक कंटेनर में शादी या दूसरे कार्यक्रमों का डेकोरेशन का सामान रखा गया है। इसके लिए जगह के मालिक को अढ़ाई से तीन हजार रुपये किराया दिए जाने की चर्चा है। इससे भी गंभीर बात यह है कि दूसरे कंटेनर में लड़के-लड़की के अश्लील हरकत करने का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
शर्मा ने गुस्से में सवाल उठाया, "लोगों की सेवा के लिए लाए गए कंटेनर का ऐसा गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो यह बेहद निंदनीय बात है।"
खास बात यह है कि जिन कंटेनरों पर विवाद है, उन पर शिवसेना का आधिकारिक बैनर लगा है। उस पर हिंदुहृदयसम्राट स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे और धर्मवीर स्वर्गीय आनंद दिघे की तस्वीरें भी दिख रही हैं। इन बड़े नेताओं की तस्वीर वाले सामान का ऐसा गलत इस्तेमाल होने से शिवप्रेमियों में भी नाराजगी है।
पार्षद तरुण शर्मा ने नवघर पुलिस स्टेशन को लिखित में मांग दी है। उन्होंने कहा है कि पुलिस पूरे मामले की सख्ती से जांच करे, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और विवादित कंटेनरों को सोनल पार्क इलाके से फौरन हटाया जाए।
इस बीच, अब तक शिवसेना के स्थानीय नेताओं की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे शहर की नजर इस बात पर है कि शिवसेना इस पर क्या रुख लेती है और विरोधियों के आरोपों का क्या जवाब देती है।
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