बुधवार, 4 नवंबर 2026

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बलुचिस्तान में सेना के काफिलों पर हमले, बीएलएफ का अक्टूबर में 129 को मारने का दावा

बलुचिस्तान में सेना के काफिलों पर हमले, बीएलएफ का अक्टूबर में 129 को मारने का दावा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दुनिया PT24 टीम

केच, मस्तुंग और खरान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के काफिलों को निशाना बनाया गया। मौतों और घायलों की पक्की गिनती सामने नहीं आई है।

पाकिस्तान के बलुचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी फौज और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ गई हैं। केच, खरान और मस्तुंग जिलों में फौज के काफिलों पर हमले हुए हैं। जानकारी आई है कि इनमें कई सैनिकों की जान गई और कुछ घायल हुए। इसी बीच डलबंदिन इलाके में हथियारबंद हमलावरों ने कुछ देर के लिए क्वेटा-तफ्तान हाईवे बंद कर दिया और एक गाड़ी को आग लगा दी।

बुधवार को केच जिले के नोदुज इलाके में अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की दो गाड़ियों के काफिले पर हमला किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन मरने या घायल होने वालों की पक्की संख्या अभी सामने नहीं आई है।

इससे पहले सोमवार को मस्तुंग में मदीना होटल के पास क्वेटा-कराची हाईवे पर पाकिस्तानी फौज के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया। इस घटना में कितने सैनिक मारे गए या कितने घायल हुए, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

उसी दिन खरान जिले के जोमी इलाके में नौरोज कलात पर भी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के एक और काफिले को निशाना बनाया गया।

सोमवार को ही डलबंदिन के पाशुक इलाके में हथियारबंद हमलावरों ने क्वेटा-तफ्तान हाईवे पर अस्थायी नाका लगा दिया। उन्होंने एक गाड़ी को रोका और उसमें आग लगा दी। इन ताज़ा हमलों की जिम्मेदारी अब तक किसी संगठन ने नहीं ली है।

हफ्ते की शुरुआत में भी बलुचिस्तान में सुरक्षा बलों पर कुछ और हमले हुए थे। बताया गया है कि नुश्की जिले के अहमद वाल इलाके में पैदल और गाड़ियों में सफर कर रहे सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाया गया, जबकि खरान में एक फौजी गाड़ी के पास धमाका हुआ। स्थानीय सूत्रों के दावे के मुताबिक इलाके में बिछाई गई लैंडमाइन्स की वजह से सुरक्षा बलों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है।

ये घटनाएं खरान के लिजाय इलाके में हुई तेज झड़पों के अगले ही दिन की हैं। उन झड़पों के दौरान एक फौजी गाड़ी धमाके की चपेट में आई थी। खबर है कि इसमें आठ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए या घायल हुए। इसके बाद दोनों तरफ से और भिड़ंत हुई। जानकारी है कि इस दौरान एक क्वाडकॉप्टर ड्रोन भी गिराया गया।

उधर बलुचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने दावा किया है कि उसने अक्टूबर महीने में बलुचिस्तान में 25 मोहिमें चलाईं। संगठन के दावे के मुताबिक इनमें 129 से ज्यादा पाकिस्तानी फौजी और खुफिया कर्मचारी मारे गए और 30 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल हुए।

संगठन के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलुच ने रविवार को जारी मासिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अक्टूबर की कार्रवाइयों में ग्वादर जिले का 'ऑपरेशन अलमास' भी शामिल था। बीएलएफ का दावा है कि इस मोहिम में 80 से ज्यादा फौजी और खुफिया कर्मचारी मारे गए। बीएलएफ के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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