बुधवार, 4 नवंबर 2026

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अरब सागर में हाइजैक ईरानी जहाज अझिनी के सभी 20 क्रू मेंबर नौसेना ने छुड़ाए

अरब सागर में हाइजैक ईरानी जहाज अझिनी के सभी 20 क्रू मेंबर नौसेना ने छुड़ाए तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दुनिया PT24 टीम

मुंबई से 3,000 किलोमीटर से ज्यादा दूर सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे वाले ईरानी मछली पकड़ने के जहाज अझिनी को 48 घंटे की कार्रवाई में छुड़ाया गया।

भारतीय नौसेना ने अरब सागर में सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे से ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज 'अझिनी' (Azini) को छुड़ा लिया है। जहाज पर सवार सभी 20 क्रू मेंबर भी सही सलामत निकाल लिए गए। यह जगह मुंबई के किनारे से 3,000 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर थी। कार्रवाई करीब 48 घंटे चली और बताया गया है कि इसमें किसी की जान नहीं गई।

मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अझिनी 29 अक्टूबर को सोमाली समुद्र के इलाके में गश्त कर रहा था। तभी हथियारबंद लुटेरों ने उसे निशाना बनाया और जहाज को अपने कब्जे में ले लिया। उस वक्त जहाज पर 20 ईरानी नागरिक मौजूद थे।

हाइजैक की खबर मिलते ही इंटरनेशनल मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर और भारतीय नौसेना हरकत में आ गए। इस बीच यह चेतावनी भी मिली कि लुटेरे इस जहाज का इस्तेमाल दूसरे व्यापारी जहाजों पर हमले के लिए कर सकते हैं। इसके बाद नौसेना के युद्धपोतों और समुद्र की निगरानी करने वाले विमानों ने अरब सागर में तलाश तेज कर दी।

इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना (IAF) ने भी साथ दिया। लुटेरे बेहद खतरनाक और आधुनिक हथियारों से लैस थे, इसलिए हर कदम बहुत संभलकर उठाना पड़ा। नौसेना के युद्धपोतों ने लुटेरों के जहाज को चारों तरफ से घेर लिया, जबकि वायुसेना के विमान ऊपर से पूरे इलाके पर नजर रखे हुए थे। लगातार 48 घंटे की इस घेराबंदी के बाद लुटेरों को सरेंडर करना पड़ा और 20 क्रू मेंबर आजाद करा लिए गए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2 नवंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नौसेना को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि अरब सागर में मुंबई से 3,000 किलोमीटर से ज्यादा दूर, लुटेरों के कब्जे वाले मछली पकड़ने के जहाज अझिनी के सभी 20 क्रू मेंबर को छुड़ाने का यह 48 घंटे का ऑपरेशन बहुत बारीकी से तालमेल बिठाकर किया गया।

राजनाथ सिंह के मुताबिक, भारी हथियारबंद लुटेरों के बीच से जहाज और क्रू का तेजी से पता लगाना, उन्हें रोकना और सुरक्षित छुड़ाना, वायुसेना की वक्त पर मिली मदद के साथ, नौसेना की ऊंचे दर्जे की तैयारी और खतरों से निपटने की क्षमता को दिखाता है। उन्होंने यह भी लिखा कि जवानों ने एक बार फिर जान बचाने, समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में स्थिरता पक्की करने का भारत का इरादा साबित किया है।

हिंद महासागर और एडन की खाड़ी में समुद्री व्यापार की हिफाजत के लिए भारतीय नौसेना 23 अक्टूबर 2008 से लगातार काम कर रही है। इस पूरे अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते पर कम से कम एक भारतीय युद्धपोत चौबीसों घंटे गश्त करता है। इस गश्त का मकसद दूसरे देशों के जहाजों के खलासियों में सुरक्षा का भरोसा जगाना और लुटेरों की चालें नाकाम करना है।

इससे पहले मार्च 2024 में भी भारतीय नौसेना ने हाइजैक हुए जहाज 'एमवी रुएन' (MV Ruen) को छुड़ाया था। उस वक्त 35 सोमाली लुटेरों को सरेंडर करने पर मजबूर किया गया था।

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