अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हवाई अड्डों पर तकनीकी खराबी से हजारों फ्लाइट्स लेट, एक हजार से ज्यादा रद्द
फिलाडेल्फिया के पास एयर ट्रैफिक कंट्रोल के कम्युनिकेशन सर्किट में गड़बड़ी और न्यू जर्सी में फाइबर-ऑप्टिक केबल टूटने से न्यूयॉर्क, बोस्टन और फिलाडेल्फिया इलाके की फ्लाइट्स बुरी तरह प्रभावित हुईं।
अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हिस्से में सोमवार को हवाई सफर करने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एयर ट्रैफिक कंट्रोल के कम्युनिकेशन सिस्टम में अचानक तकनीकी खराबी आने की वजह से न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, फिलाडेल्फिया और बोस्टन इलाके की हवाई सेवा पूरी तरह से गड़बड़ हो गई।
दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम से कुछ ही घंटे पहले अमेरिका ने ईरान-अमेरिका युद्ध के माहौल में सुबह ही यह ऐलान किया था कि वह ईरान की विमान सेवा को पूरी तरह ठप करने की मंशा रखता है, और जो भी देश ईरान के विमानों की मदद करेगा उस पर सख्त प्रतिबंध लगाने की चेतावनी भी दे दी गई थी। लेकिन इस पूरे मामले में ईरान का कोई संबंध नहीं है और फिलहाल किसी ने भी ईरान पर शक जताया नहीं है, क्योंकि अमेरिका में इस तरह की गड़बड़ी होना खुद ही एक दुर्लभ घटना मानी जा रही है। जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला विशुद्ध रूप से तकनीकी वजहों से हुआ, जिसकी वजह से अमेरिका की पैसेंजर फ्लाइट व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई।
कुछ एयरपोर्ट्स पर विमानों की लैंडिंग पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई, तो कई फ्लाइट्स लेट हुईं या उनका शेड्यूल बदलना पड़ा। कुछ विमानों को दूसरे एयरपोर्ट्स की तरफ डायवर्ट भी करना पड़ा।
फिलाडेल्फिया के पास फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल फैसिलिटी के कम्युनिकेशन सर्किट में अचानक खराबी आ गई थी। इसके बाद बैकअप सिस्टम चालू करने की कोशिश हुई, लेकिन न्यू जर्सी में उस वक्त चल रहे कंस्ट्रक्शन काम के दौरान एक जरूरी फाइबर-ऑप्टिक केबल टूट जाने से मामला और बिगड़ गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और विमानों के बीच संपर्क ठीक से न हो पाने की वजह से सेफ्टी के लिहाज से कुछ जगहों पर विमानों की आवाजाही सीमित कर दी गई।
न्यूयॉर्क इलाके के तीन बड़े एयरपोर्ट JFK, LaGuardia और Newark इस तकनीकी दिक्कत से खासे प्रभावित हुए। फिलाडेल्फिया और बोस्टन एयरपोर्ट्स पर भी विमानों की आवाजाही पर पाबंदी लगाई गई। कुछ समय के लिए Newark एयरपोर्ट पर लेट फ्लाइट्स की संख्या हजारों में पहुंच गई थी। यात्रियों को एयरपोर्ट्स पर घंटों इंतजार करना पड़ा, और कई फ्लाइट्स का टाइम-टेबल बदलना पड़ा।
यह तकनीकी गड़बड़ी सिर्फ कुछ एयरपोर्ट्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर अमेरिका की पूरी हवाई व्यवस्था पर पड़ा। मिली जानकारी के मुताबिक करीब 7 हजार फ्लाइट्स लेट होने या रद्द होने की वजह से प्रभावित हुईं। न्यूयॉर्क इलाके के इन तीन बड़े एयरपोर्ट्स पर ही करीब 1,400 फ्लाइट्स पर असर पड़ने की बात सामने आई।
इस बीच टूटी हुई फाइबर केबल की मरम्मत होने के बाद हवाई सेवा धीरे-धीरे पहले जैसी हालत में लौटने लगी। मगर जो देरी पहले ही हो गई थी उसका असर आगे की फ्लाइट्स के शेड्यूल पर भी पड़ा।