अक्टूबर में बनेंगे कई शुभ योग, कर्क से वृश्चिक तक चार राशियों के लिए अहम समय
अक्टूबर में कई ग्रह राशि बदलेंगे और त्रिग्रही, बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण और मालव्य जैसे योग बनेंगे।
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक ग्रहों की चाल के हिसाब से अक्टूबर का महीना अहम है। इस दौरान कई प्रमुख ग्रह अपनी राशि बदलेंगे। इससे बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण, मालव्य और त्रिग्रही जैसे शुभ योग बनेंगे। कर्क, सिंह, तुला और वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह समय खास माना गया है।
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक इन योगों का असर अलग-अलग राशियों पर अलग हो सकता है। किसी भी राजयोग का असल असर व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति, लग्न और दशा पर निर्भर करता है।
महीने की शुरुआत में ग्रहों की एक खास स्थिति बनेगी। रविवार, 4 अक्टूबर को चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेगा। उस वक्त गुरु और मंगल पहले से कर्क राशि में होंगे। चंद्र, गुरु और मंगल की युति से त्रिग्रही योग बनेगा। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक यह योग करीब 6 अक्टूबर तक असरदार रह सकता है।
शनिवार, 17 अक्टूबर को सूर्य कन्या राशि छोड़कर तुला राशि में जाएगा। उस समय बुध तुला राशि में होगा। सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा। ज्योतिषशास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, पद, प्रतिष्ठा और नेतृत्व से जोड़ा गया है, जबकि बुध बुद्धि, संवाद, तर्क और व्यवसाय से जुड़ा माना जाता है। इसलिए यह योग इन्हीं क्षेत्रों से जुड़ा माना जाता है।
20 अक्टूबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेगा। तुला शुक्र की अपनी राशि है और बुध वहां पहले से मौजूद रहेगा। शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण योग बनेगा। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक बुध-शुक्र की युति धन, सुख-सुविधा, कला, व्यवसाय और भौतिक समृद्धि से जुड़ी मानी जाती है। इसलिए यह योग आर्थिक और व्यावसायिक मामलों के लिए अहम माना जाता है।
शुक्र के तुला में आने से मंगलवार, 20 अक्टूबर को मालव्य योग भी बनेगा। मालव्य योग को पांच महापुरुष योगों में से एक माना जाता है। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक जब शुक्र अपनी राशि या उच्च राशि में हो और कुंडली के केंद्र स्थान यानी पहले, चौथे, सातवें या दसवें घर में हो, तब यह योग बनता है। यह योग आराम, ऐश्वर्य, कला, आकर्षण और प्रतिष्ठा से जुड़ा है।
महीने के आखिरी दिन, शनिवार 31 अक्टूबर को गुरु ग्रह कर्क राशि छोड़कर सिंह राशि में प्रवेश करेगा। ज्योतिषशास्त्र में गुरु को ज्ञान, शिक्षा, विस्तार और समृद्धि का कारक माना जाता है। सिंह राशि का स्वामी सूर्य है और गुरु-सूर्य का रिश्ता मित्रता वाला माना जाता है। इसी वजह से सिंह में गुरु का गोचर ज्योतिष के हिसाब से अहम है। अलग-अलग राशियों पर इसका असर कुंडली में गुरु की स्थिति के मुताबिक अलग हो सकता है।
कर्क राशि: ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक इस राशि के लोगों को करियर और पैसों के मामलों में कुछ अहम बदलाव दिख सकते हैं। नौकरी करने वालों को दफ्तर में नई जिम्मेदारियां, प्रमोशन या सैलरी से जुड़े मौके मिल सकते हैं। काम के सिलसिले में जगह बदलने की संभावना भी है।
सिंह राशि: इस राशि के लोगों के लिए अक्टूबर का आखिरी हफ्ता अहम हो सकता है। 31 अक्टूबर को गुरु के सिंह में आने के बाद कई क्षेत्रों में बदलाव की उम्मीद है। लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट आगे बढ़ सकते हैं। शिक्षा और विदेश से जुड़े मामलों में भी नए मौके मिलने की संभावना है।
तुला राशि: इस राशि के लोगों के लिए अक्टूबर में ग्रहों की स्थिति अनुकूल रहेगी। 20 अक्टूबर को शुक्र अपनी राशि तुला में आएगा और बुध के साथ युति करेगा। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक यह समय व्यवसाय, आर्थिक मामलों, रचनात्मक कामों और आराम व ऐशो-आराम से जुड़ी बातों के लिए अहम हो सकता है।
वृश्चिक राशि: इस राशि के लिए अक्टूबर आर्थिक रूप से अहम माना जाता है। अटका हुआ पैसा वसूल होने या पुराने आर्थिक मामलों में प्रगति होने की संभावना है। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक निवेश, संपत्ति या पहले लिए गए आर्थिक फैसलों से जुड़े मामलों में फायदा होने की संभावना भी है।
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