अक्टूबर के आखिर में बारिश की वापसी, 26 से 29 अक्टूबर तक कहां कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अंदाज के मुताबिक 27 अक्टूबर से विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बादल और बारिश की संभावना है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र के मौसम में एक बार फिर बदलाव के आसार दिख रहे हैं। अक्टूबर का आखिरी हफ्ता नजदीक है और मौसम विभाग के अंदाज के मुताबिक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है। खास तौर पर 27 अक्टूबर से विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों में आसमान में बादल रहेंगे और हल्की से लेकर मुसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ जगहों पर बिजली की कड़क के साथ तेज हवा भी चल सकती है।
26 अक्टूबर को कोकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के जिलों में ज्यादातर आसमान साफ रहने की पूरी संभावना है। कोकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ, चारों इलाकों में उस दिन मौसम सूखा रहने का अंदाज है।
27 अक्टूबर को मराठवाड़ा के जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बारिश की पूरी संभावना है। कोकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में मौसम ज्यादातर साफ रहेगा। इलाकेवार देखें तो कोकण में मौसम सूखा रहने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में भी मौसम सूखा रहेगा, हालांकि कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा में कुछ जगहों पर बारिश का अंदाज है, जबकि विदर्भ में कुछ जगहों पर गरज के साथ बिजली कड़कने और तेज हवा चलने की संभावना है।
28 अक्टूबर को दक्षिण कोकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बारिश की पूरी संभावना है। उत्तर कोकण के जिलों में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। इलाकेवार तस्वीर यह है कि कोकण में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी कुछ जगहों पर बारिश के साथ गरज और बिजली की कड़क का अंदाज है। विदर्भ में कई जगहों पर बारिश होगी, कुछ जगहों पर जोरदार बारिश हो सकती है और कुछ जगहों पर गरज, बिजली और तेज हवा भी रहेगी।
29 अक्टूबर को कोकण में कुछ जगहों पर बारिश और कुछ जगहों पर गरज के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कुछ जगहों पर बारिश और गरज के साथ बिजली की कड़क का अंदाज है। विदर्भ में उस दिन भी कई जगहों पर बारिश होगी, कुछ जगहों पर जोरदार बारिश हो सकती है, और कुछ जगहों पर गरज, बिजली की कड़क और तेज हवा चलने की संभावना है।
किसानों के लिए सलाह भी दी गई है। अक्टूबर के आखिर में मानसून के बाद का यह नमी भरा मौसम बदलाव कटाई के लिए तैयार फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के किसानों से अपील की जा रही है कि वे अपनी फसल और खेत की उपज को सुरक्षित जगह पर रखें और मौसम के हाल पर नजर बनाए रखें।
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