अहिल्यानगर बैंक गबन के आरोपी संदीप थोरात की नासिक के अस्पताल में मौत
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
अहिल्यानगर जिले के बैंक गबन मामले में न्यायिक हिरासत में बंद संदीप थोरात की नासिक के जिला सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वे पिछले चार महीने से नासिकरोड सेंट्रल जेल में बंद थे।
जानकारी के मुताबिक थोरात को दमे की तकलीफ थी। तीन दिन पहले यह तकलीफ बढ़ गई थी, इसलिए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जेल में रहते हुए उनकी तबीयत बिगड़ी थी और उसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी हालत और बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
थोरात अहिल्यानगर जिले के बैंक गबन मामले में कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में थे। पिछले चार महीने से उन्हें नासिकरोड सेंट्रल जेल में रखा गया था। जेल प्रशासन ने बताया है कि इस दौरान उन्हें दमे की शिकायत थी।
उनकी मौत के बाद अहिल्यानगर का बैंक गबन मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। न्यायिक हिरासत में किसी शख्स की मौत होने की वजह से इसकी दर्ज की जाने वाली जानकारी और उसके बाद की मेडिकल व कानूनी प्रक्रियाएं अहम हो गई हैं।
मौत की सही वजह अभी तक आधिकारिक तौर पर साफ नहीं हुई है। शुरुआती जानकारी इतनी ही है कि उन्हें दमे की तकलीफ थी और तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मौत के पीछे का सही मेडिकल कारण क्या था, इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक नतीजा सामने नहीं आया है।
मौत की मेडिकल जांच, जरूरी कानूनी प्रक्रिया और संबंधित प्रशासन से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी के बाद ही इस घटना को लेकर ज्यादा तस्वीर साफ हो सकती है। इसलिए फिलहाल मौत के कारण के बारे में कोई नतीजा निकालना ठीक नहीं होगा।
बैंक गबन मामले में न्यायिक हिरासत में बंद संदीप थोरात की मौत से इस मामले से जुड़ी घटनाओं को नया मोड़ मिला है। नासिक के जिला सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत तो हो गई, लेकिन सही कारण अभी साफ नहीं है। मेडिकल जांच और प्रशासन की ओर से आने वाली आधिकारिक जानकारी के बाद ही और ब्योरा सामने आने की संभावना है।