आंखों के नीचे कम उम्र में झुर्रियां क्यों आती हैं, रोज की कौन सी आदतें हैं वजह
आंखों के नीचे कम उम्र में झुर्रियां आने के पीछे कई आदतें और त्वचा से जुड़े कारण बताए गए हैं।
उम्र बढ़ने के साथ आंखों के नीचे झुर्रियां आना आम बात मानी जाती है, लेकिन आजकल बहुत कम उम्र में ही लोगों को यह दिक्कत सताने लगी है। आंखों के नीचे की ये बारीक रेखाएं भले ही छोटी दिखती हों, मगर यही चेहरे को उम्रदराज दिखाने लगती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कम उम्र में ही यह समस्या क्यों शुरू हो जाती है।
सबसे पहली वजह है आंखों के नीचे की त्वचा का बेहद पतला और नाजुक होना। यह हिस्सा बाकी चेहरे के मुकाबले बहुत जल्दी सूखने लगता है। तेज धूप और मौसम में होने वाले उतार-चढ़ाव का इस नाजुक त्वचा पर सीधा असर पड़ता है, और यही आगे चलकर झुर्रियों की शुरुआत बन जाता है।
दूसरी वजह आंखें सिकोड़कर बात करने की आदत है। कई लोगों को बोलते वक्त आंखें छोटी करने की आदत होती है। इसके अलावा तेज धूप में भी पूरी आंखें खोल पाना मुश्किल होता है, जिससे बार-बार आंखें सिकोड़नी पड़ती हैं। पलकों का बार-बार खुलना-बंद होना भी आंखों के किनारों को बारीक बनाता है। इन सबके अलावा चेहरे के दूसरे हाव-भाव भी आंखों के नीचे की झुर्रियां बढ़ाने का काम करते हैं।
तीसरी वजह त्वचा में हाइड्रेशन की कमी बताई गई है। आंखों के आसपास की त्वचा पतली होने की वजह से यहां नमी का स्तर वैसे भी कम रहता है। अगर यह पानी की कमी समय रहते दूर न की जाए तो झुर्रियां जल्दी दिखने लगती हैं। सूखी त्वचा पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स ज्यादा जल्दी उभरती हैं, यह बात ध्यान रखने लायक बताई गई है।
नींद पूरी न होना भी एक बड़ा कारण है। अगर लगातार नींद पूरी नहीं हो पा रही तो त्वचा को खुद को रिपेयर करने का पूरा मौका नहीं मिल पाता। इसके साथ ही नींद की कमी से होने वाली थकान भी आंखों के नीचे झुर्रियां आने की एक वजह बनती है।
स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल भी इसमें शामिल है। जो लोग रोज लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन के सामने बैठकर काम करते हैं, उनमें भी यह दिक्कत देखी जाती है। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के ज्यादा संपर्क से त्वचा में ऑक्सिडेटिव तनाव बढ़ता है, जिससे आंखों के नीचे झुर्रियां आने लगती हैं।
इनके अलावा बार-बार आंखें मलना, स्मोकिंग करना, शराब पीना और सोने के ऐसे तरीके जिनमें चेहरे पर दबाव पड़ता है और त्वचा ढीली होती है, इन आदतों को भी आंखों के नीचे झुर्रियां बढ़ाने से जोड़कर बताया गया है।