आजमगढ़ः महामृत्युंजय जाप के बीच झगड़ा, गोलीबारी में पत्नी-दो पुजारियों समेत पांच की मौत
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पूजा के दौरान हुए विवाद ने भीषण खूनखराबे का रूप ले लिया, जिसमें पुलिस से करीब सात घंटे चले सामने के बाद आरोपी की भी मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गहजी गांव में महामृत्युंजय जाप के दौरान हुए एक विवाद ने भयानक हत्याकांड का रूप ले लिया। पुलिस के मुताबिक अरविंद सिंह नाम के शख्स ने अपनी पत्नी बबिता, पूजा कराने आए दो पुजारियों और अपने बेटे पर गोली चला दी। इसके बाद वह अपने बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। करीब सात घंटे चले पुलिस ऑपरेशन के दौरान हुई गोलीबारी में अरविंद की भी मौत हो गई। इस पूरी घटना में कुल पांच लोगों की जान चली गई है।
परिवार वालों के मुताबिक अरविंद के भाई सुनील सिंह की पहले कभी हत्या हो चुकी थी। उसी की आत्मा की शांति और घर का माहौल ठीक करने के मकसद से अरविंद की पत्नी बबिता ने घर पर महामृत्युंजय जाप रखवाया था। पूजा के लिए महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा नाम के दो पुजारी घर पर मौजूद थे।
मंगलवार शाम अरविंद घर लौटा तो देखा कि घर में पूजा चल रही है। इसके बाद उसने पुजारियों से सवाल-जवाब शुरू कर दिए। बताया जा रहा है कि उसने दोनों पुजारियों से आधार कार्ड मांगा, जिसके बाद बात बढ़ गई। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक अरविंद घर में पूजा होने के खिलाफ था और इसी बात को लेकर परिवार में पहले से भी तनाव चल रहा था।
पुलिस के मुताबिक झगड़ा बढ़ने पर अरविंद ने घर में रखा हथियार निकाला और पत्नी बबिता पर गोली चला दी। इसके बाद उसने पूजा करा रहे महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा पर भी गोली चलाई। इस गोलीबारी में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी करके घर को घेर लिया।
गोलीबारी के बाद अरविंद अपने बच्चों को साथ लेकर घर के एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। पुलिस उसे लगातार सरेंडर करने के लिए कहती रही। रिश्तेदारों और अफसरों के जरिए उससे बातचीत की कोशिश करीब सात घंटे तक चलती रही, लेकिन वह बाहर आने को तैयार नहीं हुआ। बच्चों की जान को खतरा होने की वजह से पुलिस पूरी सावधानी से मामला संभाल रही थी।
देर रात तक जब अरविंद बाहर नहीं निकला, तो कमांडो टीम को बुलाना पड़ा। पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल करके घर के अंदर घुसने की कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान अरविंद ने फिर गोली चलाई। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई।
इस घटना के दौरान अरविंद के बेटे को भी गोली लगी थी और अस्पताल ले जाने से पहले या बाद में उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने दो बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला है और उनका इलाज चल रहा है। इस तरह अरविंद, उसकी पत्नी, दोनों पुजारियों और बेटे को मिलाकर कुल पांच लोगों की मौत हुई है।
पूजा के दौरान हुए विवाद, पुजारियों से आधार कार्ड मांगने की बात, परिवार में पहले से चल रहे झगड़े और अरविंद के भाई की हत्या की पुरानी घटना, इन सभी पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है। घटना में इस्तेमाल हुए हथियार और बाकी सबूतों की भी जांच की जा रही है। पूरे मामले की विस्तृत जांच पुलिस की तरफ से जारी है।