मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:56 IST

8वां वेतन आयोग: लेवल 8 कर्मचारियों को देरी से मिल सकता है 18 लाख तक एरियर

आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में देरी हुई तो केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी थकबाकी यानी एरियर की रकम मिलेगी

8वां वेतन आयोग: लेवल 8 कर्मचारियों को देरी से मिल सकता है 18 लाख तक एरियर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

केंद्र सरकार की नौकरी में लगे लाखों कर्मचारियों का आठवें वेतन आयोग का इंतजार अब जल्द खत्म होने के आसार हैं। वेतन आयोग ने इसी महीने जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में स्टेकहोल्डर्स के साथ अलग-अलग चरणों की बातचीत पूरी कर ली है। अब 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में आयोग की अगली अहम बैठक होने वाली है।

इस बैठक के बाद आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप सकता है। रिपोर्ट पेश होने और उसके नोटिफाई होने के बाद, नए वेतन आयोग को लागू करने में हुई देरी के बदले कर्मचारियों को बड़ी थकबाकी यानी एरियर की रकम मिलेगी।

सरकार ने अगर आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें जल्द से जल्द लागू कर दीं, तो कर्मचारियों को सिर्फ बढ़े हुए बेसिक पगार का एरियर ही नहीं, बल्कि मकान भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TPTA) और बाकी सभी भत्तों में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी मिलेगी। महंगाई भत्ता (DA) कर्मचारी के मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी पर टिका होता है, इसलिए नए वेतन आयोग में बेसिक बढ़ने से डीए की रकम अपने आप बढ़ जाएगी। लेकिन अगर वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू होने में 20 से 24 महीने की देरी हो गई, तो लेवल 6 से 8 तक के कर्मचारियों को बड़ा एरियर मिल सकता है।

नवंबर 2025 में जारी किए गए आठवें वेतन आयोग के नियम व शर्तों के मुताबिक, रिपोर्ट पेश करने के लिए 16 महीने की मियाद दी गई थी। इस हिसाब से आयोग मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट पेश कर सकता है। हालांकि आयोग चाहे तो रिपोर्ट पेश करने के लिए और वक्त मांग सकता है। पहले के वेतन आयोगों ने भी ऐसी मोहलत ली है, इसलिए माना जा रहा है कि आयोग अपना काम पूरा करने के लिए 3 से 6 महीने का अतिरिक्त समय ले सकता है। रिपोर्ट पेश होने के बाद सरकार उसे नोटिफाई करने से पहले उसकी समीक्षा करेगी।

वेतन आयोग देरी से लागू होने पर कर्मचारियों को मूल वेतन यानी बेसिक पे में हुए फर्क पर एरियर मिलता है। एचआरए (HRA) भी बेसिक पे पर ही आधारित होता है, इसलिए बेसिक वेतन बदलते ही एचआरए में भी बढ़ोतरी होती है। लेवल 6 से 8 के कर्मचारियों को मिलने वाला एरियर, देरी के महीनों और आठवें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा।

लेवल 6 के कर्मचारियों का मौजूदा मूल वेतन 35,400 रुपये है। 2.15 फिटमेंट फैक्टर पर सुधारा हुआ बेसिक 76,110 रुपये होगा, यानी बेसिक में 40,710 रुपये की बढ़ोतरी। इस हिसाब से 20 महीने का एरियर 8,14,200 रुपये और 24 महीने का एरियर 9,77,040 रुपये बनता है। वहीं 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर सुधारा हुआ बेसिक 90,978 रुपये होगा, बेसिक में बढ़ोतरी 55,578 रुपये, 20 महीने का एरियर 11,11,560 रुपये और 24 महीने का एरियर 13,33,872 रुपये होगा।

लेवल 7 के कर्मचारियों का मौजूदा मूल वेतन 44,900 रुपये है। 2.15 फिटमेंट फैक्टर पर सुधारा हुआ बेसिक 96,535 रुपये, बेसिक में बढ़ोतरी 51,635 रुपये, 20 महीने का एरियर 10,32,700 रुपये और 24 महीने का एरियर 12,39,240 रुपये होगा। 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर सुधारा हुआ बेसिक 1,15,393 रुपये, बेसिक में बढ़ोतरी 70,493 रुपये, 20 महीने का एरियर 14,09,860 रुपये और 24 महीने का एरियर 16,91,832 रुपये बनेगा।

लेवल 8 के कर्मचारियों का मौजूदा मूल वेतन 47,600 रुपये है। 2.15 फिटमेंट फैक्टर पर सुधारा हुआ बेसिक 1,02,340 रुपये, बेसिक में बढ़ोतरी 54,740 रुपये, 20 महीने का एरियर 10,94,800 रुपये और 24 महीने का एरियर 13,13,760 रुपये होगा। 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर सुधारा हुआ बेसिक 1,22,332 रुपये, बेसिक में बढ़ोतरी 74,732 रुपये, 20 महीने का एरियर 14,94,640 रुपये और 24 महीने का एरियर 17,93,568 रुपये यानी करीब 18 लाख रुपये बनता है।

इन आंकड़ों से साफ है कि अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू हुआ और 24 महीने की देरी हुई, तो लेवल 8 के कर्मचारियों के खाते में करीब 18 लाख रुपये तक की मोटी रकम एरियर के रूप में जमा हो सकती है।

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