मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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21:06 IST

18 सितंबर को क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड बांबू डे, जानिए इससे जुड़ी दिलचस्प बातें

बांस की उपयोगिता और फायदों को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 18 सितंबर को वर्ल्ड बांबू डे मनाया जाता है।

18 सितंबर को क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड बांबू डे, जानिए इससे जुड़ी दिलचस्प बातें
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

हर रोज कोई न कोई खास दिन मनाया जाता है, और इसी कड़ी में 18 सितंबर का दिन बांस यानी बांबू के नाम रहता है। सदियों से इंसानी जिंदगी में बांस का बड़ा रोल रहा है। इससे तरह तरह की जरूरी चीजें बनती हैं, जैसे खाट, सीढ़ी और लकड़ी का सामान। सब्जी बनाने में भी बांस के कोंब इस्तेमाल होते हैं, और हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के दौरान भी इसका उपयोग किया जाता है। पर्यावरण के लिहाज से भी बांस को बहुत अच्छा माना जाता है। इसी उपयोगिता और इसके फायदों के बारे में लोगों को बताने के मकसद से हर साल 18 सितंबर को वर्ल्ड बांबू डे मनाया जाता है।

इस दिन की शुरुआत कैसे हुई, इसका किस्सा 2009 से जुड़ा है। उस साल वर्ल्ड बैंबू ऑर्गनाइजेशन ने यह दिन मनाना शुरू किया था, ताकि बांस की खेती और इसके इस्तेमाल को लेकर लोगों में जागरूकता आए। बांस सिर्फ खाने या सामान बनाने के काम ही नहीं आता, बल्कि इसके और भी कई फायदे हैं जिनके बारे में इस मौके पर जाना जा सकता है।

कई जगहों पर बांस खाया भी जाता है। पांडा के अलावा इंसान भी इसे खाते हैं। बांस के कोंब स्ट्यू, सूप, ग्रेवी, अचार और सलाद में डाले जाते हैं। आमतौर पर बांस साउथ ईस्ट एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पैसिफिक महासागर के द्वीपों पर पाया जाता है। खास बात यह है कि कटाई के बाद यह अपने आप दोबारा उग आता है।

बांस को धरती पर सबसे तेजी से बढ़ने वाले पौधों में गिना जाता है। इसकी कुछ प्रजातियां एक दिन में 1 मीटर तक बढ़ सकती हैं। इससे लकड़ी भी मिलती है, और बांस के जंगल बाकी पेड़ों के जंगलों के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से फैलते हैं।

सबसे तेजी से बढ़ने वाले पौधे का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बांस की 45 प्रजातियों में से कुछ के नाम है, जो रोजाना 91 सेंटीमीटर यानी 35 इंच की रफ्तार से बढ़ती हैं। आरएचएस डिक्शनरी ऑफ गार्डनिंग के मुताबिक बांस की करीब 1,000 प्रजातियां हैं। ट्रॉपिकल इलाकों में सबसे ऊंचा बांस 40 मीटर यानी 130 फुट तक पहुंच जाता है, जबकि यूरोप और अमेरिका में सबसे ऊंचा बांस 20 से 30 मीटर यानी 65 से 98 फुट के बीच होता है।

बांस को ऑक्सिजन का बड़ा सोर्स भी माना जाता है। यह बाकी पेड़ों के मुकाबले 35 फीसदी ज्यादा ऑक्सिजन बनाता है। बांस के पौधे बड़ी मात्रा में ग्रीनहाउस गैसें सोख लेते हैं और इस तरह कार्बन सिंक का काम करते हैं।

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