13 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने पर कांग्रेस का देशव्यापी अभियान, सोलंकी का एलान
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी भरतसिंह सोलंकी ने धाराशिव में 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक चलने वाले अभियान की घोषणा की।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी भरतसिंह सोलंकी ने 24 अक्टूबर को एलान किया कि पार्टी पूरे देश में एक अभियान चलाएगी। अभियान का नाम है "लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, वोट बचाओ, देश बचाओ"। यह 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक चलेगा। मकसद उन 13 करोड़ मतदाताओं को उनका संवैधानिक हक वापस दिलाना है, जिन्हें सोलंकी के मुताबिक वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया है।
सोलंकी धाराशिव शहर के कांग्रेस भवन में रखी गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। वहां जिलाध्यक्ष उमेश राजेनिंबाळकर, पूर्व जिलाध्यक्ष एड. धीरज पाटील, वरिष्ठ नेता विश्वास शिंदे और लातूर युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष निलेश देशमुख मौजूद थे। इनके अलावा राजभाऊ शेरखाने, प्रशांत पाटील, खलील सय्यद, अग्निवेश शिंदे, धनंजय राऊत, विनोद वीर, अरविंद बेडगे, भैय्या निरफळ, आयुब पठाण, दयानंद पाटील और दूसरे पदाधिकारी भी आए थे।
सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस के दौर में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जज के जरिए होती थी। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने इसे रद्द कर दिया और अब यह काम गृह मंत्रालय के जरिए कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की नियुक्त की हुई ज्ञानेश कुमार को साथ लेकर देश के 13 करोड़ मतदाताओं को बाहर किया गया है।
उनका आरोप था कि चुनाव आयोग के जरिए भाजपा चुनाव जीतती आ रही है और उसने ईवीएम मशीन और वोटर लिस्ट में घोटाले किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर में 62 लाख लोगों को बाहर किया गया है। सोलंकी के शब्दों में, बाहर किए गए लोगों को वोट की आजादी से दूर धकेलना भाजपा का महापाप है। उन्होंने याद दिलाया कि देश को आजादी दिलाने में कांग्रेस का बड़ा योगदान रहा है।
सोलंकी ने कहा कि संविधान ने देश के नागरिकों को वोट देने का अधिकार दिया है, लेकिन भाजपा को देश की आजादी या नागरिकों की आजादी से कोई लेना-देना नहीं है। उनके मुताबिक चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पुराने मतदाता के लिए भी दोबारा नए सिरे से रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दिया है। उन्होंने कहा कि अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन और सुभाष चंद्र बोस के पोते का नाम भी वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। उनका दावा था कि इनकी वोट चोरी हरियाणा से ही पकड़ी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि ज्ञानेश कुमार के दो सहयोगियों ने सिर्फ 10 दिन में 14 बार उनके फैसले को चुनौती दी।
सोलंकी ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह ज्ञानेश कुमार को ताकत दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में लोकपाल लाने के नाम पर अन्ना हजारे के जरिए पूरे देश में हंगामा खड़ा किया गया। सवाल किया कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने लोकपाल बिल क्यों नहीं लाया। पश्चिम बंगाल को लेकर उनका आरोप था कि सत्ता में आते ही अमित शाह के कहने पर सभी मुख्य अधिकारियों की जगह अपनी पसंद के अधिकारी बैठा दिए गए।
उन्होंने कहा कि एसआईआर की जगह एसएसआर कार्यक्रम देश के सत्रह राज्यों में बनाया गया है। आने वाले वक्त में पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और सोलंकी ने भरोसा जताया कि वहां भाजपा की हार पक्की है। उन्होंने पूछा कि हटाए गए 13 करोड़ मतदाता आखिर कहां गए और उन्हें क्यों हटाया गया।
कांग्रेस की योजना के बारे में उन्होंने बताया कि पार्टी जिला, तालुका, पंचायत समिति और गांव के हिसाब से बीएलए-2 नियुक्त करेगी। ये लोग बाहर किए गए और नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल कराएंगे और वह लिस्ट बीएलओ को सौंपेंगे। इसके लिए रामलीला मैदान पर 1 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 तक, यानी दो महीने जनजागृति की जाएगी। सोलंकी ने खास तौर पर कहा कि इसमें देशभर के कांग्रेस के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे।
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