पुणे-बेंगलोर हाईवे पर लिंब के पास ट्रक की टक्कर, आधे घंटे तक एम्बुलेंस नहीं पहुंची, बाइक सवार ने गंवाई जान
लिंब गांव के पास ट्रक की टक्कर के बाद आधे घंटे तक पुलिस और एम्बुलेंस नहीं पहुंची, स्थानीय लोगों ने लगाया इलाज न मिलने से मौत का आरोप
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सातारा-पुणे-बेंगलोर नेशनल हाईवे पर लिंब गांव के पास एक बेहद भीषण और गुस्सा दिलाने वाला हादसा सामने आया है। यहां ट्रक और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसमें एक बाइक सवार की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि हादसे के बाद वक्त पर एम्बुलेंस और मेडिकल मदद नहीं मिली, इसीलिए बाइक सवार को अपनी जान गंवानी पड़ी।
मिली जानकारी के मुताबिक यह टक्कर सातारा-पुणे-बेंगलोर नेशनल हाईवे पर लिंब गांव की हद में हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस हादसे के बाद पूरे आधे घंटे से ज्यादा वक्त बीत गया, फिर भी न हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और न ही इमरजेंसी एम्बुलेंस।
हादसा होते ही आसपास के लोग फौरन दौड़कर आए और जख्मी को बचाने की कोशिश की। लेकिन मौके पर ठीक से मेडिकल मदद नहीं थी, इसलिए उनकी कोशिशें काम नहीं आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी तंत्र का लचर कामकाज एक बार फिर सबके सामने आ गया है।
सरकारी एम्बुलेंस घटनास्थल पर बहुत देर से पहुंची। हादसे के बाद का पहला घंटा, जिसे 'गोल्डन आवर' (Golden Hour) कहा जाता है, इलाज के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। मगर उस वक्त मदद नहीं मिली और जख्मी बाइक सवार ने तड़प-तड़पकर मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद लिंब इलाके के नाराज लोगों ने हाईवे पुलिस और एम्बुलेंस प्रशासन के खिलाफ तीखा गुस्सा जाहिर किया है। पिछले कुछ दिनों से इस हाईवे पर हादसों का सिलसिला चल रहा है। ऐसे में अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि जख्मियों को वक्त पर इलाज मिल भी पा रहा है या नहीं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि हाईवे पर पुलिस और एम्बुलेंस की व्यवस्था ऐसी हो कि हादसे की हालत में मदद फौरन पहुंचे, ताकि किसी और को इस तरह जान न गंवानी पड़े।
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