पुणे पदवीधर की हार पर भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन को निलेश राणे की चेतावनी
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शिंदे सेना के विधायक निलेश राणे ने भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन को जवाब देते हुए कहा कि शिंदे साहब पर बोलने का अधिकार बन को नहीं है।
राज्य में पदवीधर और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में महाविकास आघाड़ी ने 3-2 से बाजी मारी। इस हार के बाद महायुति के भीतर शिंदे सेना और भाजपा के बीच विवाद शुरू हो गया है।
भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उसमें उन्होंने पुणे पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र की हार का ठीकरा एकनाथ शिंदे की शिवसेना पर फोड़ा था। इसके बाद शिंदे सेना के विधायक निलेश राणे ने बन को फटकार लगाई।
राणे ने कहा, "पदवीधर की लड़ाई चल रही थी, तब आपने हमें एक भी मैसेज नहीं भेजा। फिर भी हमने सहयोग किया। नवनाथ बन हमें न सिखाए कि काम कैसे करना है।" उन्होंने बन को चेतावनी देते हुए कहा, "अरे नवनाथ बन, याद रख, तुझे रोने के लिए भी वक्त नहीं देंगे।"
राणे ने कहा कि वे मानते हैं कि सहयोगी दल की हार उनकी भी हार है। उनके मुताबिक योजना में कहां चूक हुई और उसे कैसे सुधारना है, इस पर विचार मंथन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिंदे साहब पर जो ठीकरा फोड़ा जा रहा है, उस हिसाब से भाजपा को पदवीधर में उम्मीदवार ही नहीं उतारना चाहिए था। राणे ने कहा कि तब शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उनका आदमी जीत जाता। उन्होंने यह भी कहा कि पदवीधर के लिए कोई उनके पास आया ही नहीं और उनके जिला प्रमुख को पता तक नहीं कि पदवीधर के लिए भाजपा की योजना का अधिकारी या निरीक्षक कौन है। राणे ने कहा कि उन्हें आरोप-प्रत्यारोप नहीं करने हैं।
राणे ने बताया कि वे परसों से बन के बयान सुन रहे हैं। उनका कहना था कि बन लगातार बिना वजह शिवसेना पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। राणे ने कहा, "शिंदे साहब पर बोलने का अधिकार नवनाथ बन को नहीं है। तू प्रवक्ता है, प्रवक्ता का काम कर।" उन्होंने कहा कि शिवसेना ने किसी भी चुनाव की हार के लिए कभी भाजपा के किसी नेता को जिम्मेदार नहीं ठहराया। राणे ने बन से कहा कि शिंदे साहब का नाम लेने से पहले साफ करें कि भाजपा में से किसकी सहमति है।
राणे के मुताबिक बन कहते हैं कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिंदे सेना ने सानप को उम्मीदवार दिया था, इसलिए पुणे पदवीधर गया। राणे ने सवाल किया कि क्या वे भी कहें कि भाजपा ने पदवीधर में उम्मीदवार दिया, इसलिए उनकी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट गई। उन्होंने कहा कि आत्मचिंतन भाजपा को करना है कि योजना कहां चूकी। राणे ने बन से कहा कि एक हार हुई तो शिंदे साहब का नाम लोगे, क्या इतने बड़े हो गए हो। उन्होंने कहा कि दोबारा शिंदे साहब पर बोले तो हम कुछ करने की तैयारी में रहते हैं, अभी तो बन का करियर शुरू हुआ है, और गलत रास्ते पर न जाएं, क्योंकि मामला अपने ऊपर आ जाए तो रोने का भी वक्त नहीं मिलता।
राणे ने कहा कि नवनाथ बन उनके दोस्त वगैरह नहीं हैं, वे उनके जूनियर हैं। उनके शब्दों में, "मैं 2009 में सांसद बना, तब वह चड्डी में था। मैं ऐरों-गैरों को दोस्त नहीं बनाता।" उन्होंने पूछा कि धंगेकर का मुद्दा कहां से आया। राणे ने कहा कि बन कहते हैं कि शिवसेना ने पुणे पदवीधर में मदद नहीं की, जबकि वे खुद सातारा में थे और वाई और फलटण की जिम्मेदारी उन पर थी। उनके जिला प्रमुख को पता नहीं था कि पदवीधर का काम करना है और भाजपा का कोई आदमी आया नहीं। राणे ने कहा, "इसका जवाब देने के चक्कर में मैं कहां पड़ूं, हम अपने नेताओं को, फडणवीस को जवाब देंगे, तू कौन है?"
राणे ने कहा कि शिंदे सेना ने भाजपा के लिए मेहनत की है और कोई आकर जवाब मांगे, ऐसा कौन होता है। उनके मुताबिक अगर सारी किताबें खोलनी हों तो हर चुनाव की किताब खोलनी पड़ेगी और उसका फायदा विरोधियों को होता है, यह समझ नवनाथ बन को होनी चाहिए। राणे ने कहा कि बन पत्रकारिता छोड़कर अभी चुनाव जीते हैं, कैसे जीते यह वे बाद में बताएंगे। उन्होंने कहा कि वे सबको मानते हैं, लेकिन बेवजह शिंदे साहब पर कीचड़ उछाला गया तो शब्द संभालकर नहीं बोलेंगे।
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