शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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बालेवाड़ी में सड़क खोदने का 2.04 करोड़ जुर्माना तीन साल से बकाया, AAP का PMC पर आरोप

शहर PT24 टीम

बालेवाड़ी में बिना इजाजत सड़क खोदने पर लगा 2.04 करोड़ रुपये का जुर्माना तीन साल से ज्यादा वक्त से नहीं भरा गया है। AAP ने PMC को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।

पुणे के बालेवाड़ी में बिना इजाजत सार्वजनिक सड़क खोदने पर एक डेवलपर पर 2.04 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। यह रकम तीन साल से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी जमा नहीं हुई है। इस देरी की वजह से पुणे महानगरपालिका (PMC) सवालों के घेरे में है। आम आदमी पार्टी (AAP) का आरोप है कि महानगरपालिका एक नामी बिल्डर के साथ नरमी बरत रही है।

AAP ने PMC को रकम वसूलने के लिए सात दिन की मोहलत दी है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेगी।

पार्टी का कहना है कि महालुंगे-बालेवाड़ी इलाके में कस्तूरी स्पेसेस प्रोजेक्ट के डेवलपर को PMC बचा रही है। AAP के मुताबिक डेवलपर ने बालेवाड़ी के सर्वे नंबर 45 पर बिजली की केबल डालने के लिए 650 मीटर लंबी डामर की सड़क खोद डाली। इसके लिए महानगरपालिका से पहले कोई इजाजत नहीं ली गई थी।

PMC के सड़क विभाग ने 2023 में प्रोजेक्ट के मालिक भरत अग्रवाल पर 2,04,82,560 रुपये का जुर्माना लगाया था। विभाग ने बिल्डिंग विभाग से यह भी कहा था कि जुर्माना भरे जाने तक प्रोजेक्ट का निर्माण और उससे जुड़ी इजाजत का काम रोक दिया जाए।

AAP का आरोप है कि काम रोकने का यह आदेश कभी लागू ही नहीं हुआ और मौके पर निर्माण चलता रहा। पार्टी के मुताबिक जुर्माने की रकम आज तक वसूल नहीं हुई है।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि बड़े अफसरों ने बिल्डर को बचाने के लिए नोटिस को सिर्फ कागज पर रहने दिया। उसका दावा है कि कथित आर्थिक सौदे की वजह से इस मामले की फाइलें प्रशासनिक स्तर पर जानबूझकर दबा दी गईं। ये पार्टी के आरोप हैं और PMC ने इन पर सीधा जवाब नहीं दिया है।

बताया जा रहा है कि प्रोजेक्ट को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने में अब ज्यादा देर नहीं है। सड़क विभाग का कहना है कि जब तक जुर्माना नहीं भरा जाता, वह यह सर्टिफिकेट जारी नहीं करेगा।

AAP युवा शाखा के राज्य अध्यक्ष रविराज काले ने मांग की है कि PMC ब्याज समेत जुर्माना सात दिन के अंदर वसूले और जो लोग इसके जिम्मेदार हैं उन पर आपराधिक मामले दर्ज करे। उनके मुताबिक ऐसा न होने पर पार्टी PMC मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी।

काले ने सवाल किया, "आम नागरिकों को निचोड़ने वाली महानगरपालिका अरबपति बिल्डरों के सामने बेबस क्यों हो जाती है?"

उन्होंने कहा कि मामूली टैक्स बकाया होने पर PMC आम लोगों की प्रॉपर्टी फौरन सील कर देती है, लेकिन इस मामले में उसने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। पार्टी चाहती है कि अनधिकृत काम को बचाने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई हो।

PMC के सड़क विभाग के प्रमुख राजेश बनकर ने कहा कि मामले की जांच बिना देर किए की जाएगी। उन्होंने कहा, "मैं निर्देश दे रहा हूं कि इस मामले की तुरंत जांच की जाए और आगे की कार्रवाई हो।"

इस बारे में डेवलपर का पक्ष जानने की बार-बार कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। जवाब मिलने पर खबर में जोड़ा जाएगा।

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