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पुणे के बावधन में महिलाओं के लिए चेल्लाराम वुमन्स हेल्थ सेंटर शुरू

पुणे के बावधन में महिलाओं के लिए चेल्लाराम वुमन्स हेल्थ सेंटर शुरू तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सेहत PT24 टीम

चेल्लाराम फाउंडेशन ने पुणे के बावधन में चेल्लाराम वुमन्स हेल्थ सेंटर का उद्घाटन किया। यहां महिलाओं के लिए जीवन के हर पड़ाव की जांच और इलाज की सुविधाएं होंगी।

पुणे, 28 अक्टूबर 2026: चेल्लाराम फाउंडेशन ने पुणे के बावधन इलाके में चेल्लाराम वुमन्स हेल्थ सेंटर (CWHC) का उद्घाटन किया। फाउंडेशन के मुताबिक यह सेंटर महिलाओं को जिंदगी के हर दौर में बीमारी से बचाव और इलाज, दोनों तरह की सेहत सेवाएं देगा। सेंटर चेल्लाराम हॉस्पिटल डायबिटीज केयर एंड मल्टीस्पेशलिटी के पास बना है।

सेंटर में किशोरियों और प्रजनन से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं, मेनोपॉज का प्रबंधन, पोषण पर सलाह, लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम, कैंसर की जांच, हड्डियों की सेहत का आकलन और बड़ों के टीकाकरण की सुविधा मिलेगी।

उद्घाटन मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. माधुरी कानिटकर (सेवानिवृत्त) ने किया। वे महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की पूर्व कुलपति हैं। समारोह में सम्मानित अतिथि के तौर पर HSNC यूनिवर्सिटी और SNDT वुमन्स यूनिवर्सिटी की कुलपति कर्नल प्रो. (डॉ.) हेमलता के. बाग्ला मौजूद थीं। इनके अलावा समाजसेवी लीला पूनावाला, चेल्लाराम डायबिटीज इंस्टिट्यूट के सीईओ और मुख्य एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. उन्नीकृष्णन ए.जी., इंस्टिट्यूट के चीफ मेडिकल डायरेक्टर विंग कमांडर (डॉ.) हर्षल मोरे (सेवानिवृत्त), चेल्लाराम हॉस्पिटल डायबिटीज केयर एंड मल्टीस्पेशलिटी में क्लिनिकल सर्विसेज की प्रमुख डॉ. वेदवती पुरंदरे और सेंटर की प्रमुख व वुमन हेल्थ कंसल्टेंट डॉ. मंजूषा घुमरे भी आईं। कई और क्षेत्रों के गणमान्य लोग भी थे।

डॉ. माधुरी कानिटकर ने कहा, "यह सेंटर बीमारी से सेहत की तरफ ध्यान ले जाने की दिशा में अहम कदम है। अब लाइफस्टाइल की बीमारियां महिलाओं को कम उम्र में पकड़ रही हैं, इसलिए उम्र भर की पूरी देखभाल जरूरी है। चेल्लाराम जैसी संस्थाएं रिसर्च, पढ़ाई और मरीजों के इलाज के बीच की दूरी पाट सकती हैं और ऐसे समुदायों तक पहुंच सकती हैं जिन तक सुविधाएं कम पहुंचती हैं।"

डॉ. हेमलता के. बाग्ला ने कहा, "पांच M यानी मेनार्की, मैटरनल हेल्थ, मिडलाइफ, मेनोपॉज और मेंटल हेल्थ पर जोर खास तौर से मायने रखता है। शिक्षा संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों के बीच मजबूत तालमेल भी चाहिए, ताकि बचाव वाली सेहत सेवा, जागरूकता, समुदाय तक पहुंच और अलग-अलग विषयों की रिसर्च को बढ़ावा मिले। ऐसी साझेदारियों से सेहत की जानकारी और सेवाएं समाज के बड़े तबके तक पहुंच सकती हैं।"

चेल्लाराम फाउंडेशन के चेयरमैन लाल चेल्लाराम ने वीडियो संदेश में कहा, "जिंदगी के अलग-अलग पड़ावों पर महिलाओं की सेहत की जरूरतें अलग होती हैं। इस सेंटर का मकसद एक ही छत के नीचे विज्ञान पर आधारित इलाज देना है, जिसमें बचाव, शुरुआती पहचान, रिसर्च और समुदाय तक पहुंच पर ध्यान रहेगा। हम भारतीय महिलाओं की सेहत की खास समस्याओं की समझ बेहतर करने की भी उम्मीद रखते हैं।"

श्रीमती शोभना चेल्लाराम ने भी वीडियो संदेश में कहा, "महिलाएं अक्सर अपनी सेहत से पहले परिवार को रखती हैं। हम ऐसा सेंटर चाहते हैं जहां महिलाओं की बात सुनी जाए, उन्हें इज्जत मिले और वे अपनी परेशानियां आराम से बता सकें। यहां बचाव की देखभाल, जांच, काउंसलिंग और हमदर्दी भरा सहारा मिले।"

डॉ. उन्नीकृष्णन ने कहा, "हमारे डायबिटीज सेंटर के संपूर्ण तरीके से प्रेरणा लेकर बना यह वुमन्स हेल्थ सेंटर नवंबर 2026 में कभी चालू होगा। इसमें एंडोक्राइनोलॉजी, सर्जरी, ऑन्कोलॉजी और दूसरे विभागों के विशेषज्ञ एक साथ होंगे। हमारा ध्यान जल्दी पहचान, वक्त पर इलाज और हर मरीज के हिसाब से देखभाल पर है, ताकि महिलाओं की स्वास्थ्य सेवा ज्यादा आसान और तालमेल वाली बने।"

डॉ. मंजूषा घुमरे ने कहा, "महिलाओं की सेहत को किसी एक मेडिकल विशेषता से या सिर्फ बीमारी होने पर नहीं संभाला जा सकता। हमारा तरीका बचाव, जल्दी पहचान, लाइफस्टाइल के प्रबंधन और जरूरी इलाज को जोड़ता है। हम चाहते हैं कि महिलाओं को उनकी जिंदगी के हर अहम पड़ाव पर सही मार्गदर्शन और इलाज मिले।"

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