पुणे मेट्रो के दूसरे चरण में चार नए रूट, महा मेट्रो ने रखा पांच साल का लक्ष्य
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महा मेट्रो ने दूसरे चरण के लिए पांच साल की समयसीमा तय की है। अनुमानित लागत करीब 13,500 करोड़ रुपये है।
पुणे में मेट्रो के विस्तार की योजना अब नए चरण में पहुंच गई है। शहर के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी इलाकों तक नेटवर्क ले जाने के लिए चार नए कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। महा मेट्रो ने इस दूसरे चरण को पूरा करने के लिए पांच साल की समयसीमा रखी है और इसकी अनुमानित लागत करीब 13,500 करोड़ रुपये बताई गई है।
इस विस्तार का मकसद उन रिहायशी इलाकों, कारोबारी केंद्रों और उभरते हुए नए इलाकों को जोड़ना है, जो अब भी ज्यादातर सड़क के भरोसे हैं। चार कॉरिडोर मौजूदा नेटवर्क को चांदनी चौक, विट्ठलवाड़ी, खराडी, खडकवासला और माणिक बाग की तरफ ले जाएंगे।
यह घोषणा हिंजेवाड़ी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन 3 के उद्घाटन के फौरन बाद आई है। यह 23 किलोमीटर लंबी लाइन पिंक लाइन के नाम से भी जानी जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 नवंबर को इस कॉरिडोर का वर्चुअल उद्घाटन किया, जिससे पुणे के सार्वजनिक परिवहन में एक और बड़ा रूट जुड़ गया।
दूसरे चरण में कुछ एक्सटेंशन हैं और कुछ बिल्कुल नए कॉरिडोर। इनसे उन इलाकों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है, जहां रिहायशी और कमर्शियल निर्माण तेजी से हुआ है।
वनाज-चांदनी चौक (लाइन 2A) 1.12 किलोमीटर का एक्सटेंशन है। इससे मौजूदा एक्वा लाइन में दो स्टेशन जुड़ेंगे। मेट्रो सेवा चांदनी चौक की तरफ आगे बढ़ेगी और पश्चिमी पुणे की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
रामवाड़ी-विट्ठलवाड़ी (लाइन 2B) 11.63 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें पांच स्टेशन होंगे। यह एक्सटेंशन नेटवर्क को वाघोली और शहर के पूर्वी हिस्से के दूसरे विकसित हो रहे इलाकों की तरफ ले जाएगा।
खडकवासला-खराडी (लाइन 4) चारों प्रस्तावित रूट में सबसे लंबी, यानी 25.52 किलोमीटर की होगी और इसमें 22 स्टेशन होंगे। इसके जरिए खडकवासला और सिंहगढ़ रोड को स्वारगेट, हडपसर, मगरपट्टा और खराडी से जोड़ने की योजना है। इस तरह शहर के आर-पार एक बड़ा लिंक बनेगा।
नल स्टॉप-माणिक बाग (लाइन 4A) 6.12 किलोमीटर का हिस्सा है। इससे वारजे और माणिक बाग की तरफ अतिरिक्त कनेक्टिविटी मिलेगी और ये इलाके बड़े मेट्रो सिस्टम से जुड़ जाएंगे।
यह काम सिर्फ पटरी बिछाने और स्टेशन बनाने तक सीमित नहीं है। नए कॉरिडोर के लिए एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाने होंगे और सड़कों के लेआउट में भी बदलाव करने पड़ेंगे।
महा मेट्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रावण हर्डीकर ने कहा कि प्रस्तावित इन्फ्रास्ट्रक्चर का कुछ काम महाराष्ट्र स्टेट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSIDC) संभालेगा। वहीं पौड रोड-कर्वे रोड वाले हिस्से में एक स्ट्रक्चर महा मेट्रो खुद बनाएगी।
खडकवासला-खराडी कॉरिडोर अपने ज्यादातर रास्ते में मौजूदा सड़क की सीध में ही चलेगा। इसलिए मेट्रो निर्माण और सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर देखने वाली एजेंसियों के बीच तालमेल जरूरी होगा।
पांच साल के लक्ष्य के हिसाब से दूसरा चरण पुणे मेट्रो की पहुंच काफी बढ़ा सकता है। इससे और ज्यादा इलाकों को, दिन-ब-दिन भीड़ से भरती सड़कों का एक विकल्प मिलेगा।
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