पुणे के पूर्व उप महापौर की PMC मुख्यालय में एंट्री बंद, महिला कर्मचारी ने की शिकायत
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महिला कर्मचारी के आरोप के बाद पुणे महानगरपालिका ने पूर्व उप महापौर के परिसर में आने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। मामला विशाखा कमेटी के पास है।
पुणे के एक पूर्व उप महापौर को पुणे महानगरपालिका (PMC) के मुख्यालय में आने से रोक दिया गया है। वजह यह है कि एक महिला कर्मचारी ने उन पर ड्यूटी के दौरान गलत बर्ताव करने का आरोप लगाया है। इस बारे में महानगरपालिका की विशाखा कमेटी को लिखित शिकायत दी गई है। यह कमेटी काम की जगह पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच करती है।
बताया जा रहा है कि कथित घटना गुरुवार 5 नवंबर की दोपहर की है। उस वक्त मुख्यालय में स्थायी समिति की बैठक चल रही थी। कई अफसर और कर्मचारी बैठक में मौजूद थे, जबकि कुछ लंच ब्रेक की वजह से बाहर गए हुए थे।
शिकायत के मुताबिक महिला अपना काम कर रही थी, तभी पूर्व पदाधिकारी उसके पास आए। आरोप है कि उन्होंने महिला का हाथ पकड़ लिया और उससे गलत और गाली-गलौज वाली भाषा में बात की। शिकायत में कहा गया है कि महिला किसी तरह उनसे दूर हो गई और इसके बाद उसने पूरी बात अपने वरिष्ठ अफसरों को बताई।
कहा जा रहा है कि इस घटना को लेकर PMC के कर्मचारियों में नाराजगी है। स्टाफ के लोग चाहते हैं कि इन पूर्व जनप्रतिनिधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
PMC के सिक्योरिटी ऑफिसर राकेश विटकर ने पुष्टि की कि प्रशासन ने पूर्व उप महापौर के महानगरपालिका परिसर में आने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। उनके मुताबिक यह फैसला इसलिए लिया गया कि शिकायत करने वाली महिला पर किसी तरह का दबाव न डाला जा सके और शिकायत से जुड़े सबूत सुरक्षित रहें।
मामला जांच के लिए विशाखा कमेटी को भेजा गया है। आगे की कार्रवाई इस जांच में जो सामने आएगा, उसी पर निर्भर करेगी। अभी तक जो कुछ सामने आया है, वह शिकायत में लगाए गए आरोप ही हैं, और जांच पूरी होने तक इन्हें आरोप के तौर पर ही देखा जाएगा।
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