30 लाख की चोरी में FIR नहीं लिखी, मार्केट यार्ड के सीनियर इंस्पेक्टर जगताप सस्पेंड
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पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने 28 अक्टूबर को आदेश जारी कर मार्केट यार्ड पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विश्वजीत जगताप को सस्पेंड किया।
पुणे के मार्केट यार्ड पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विश्वजीत जगताप को सस्पेंड कर दिया गया है। पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बुधवार, 28 अक्टूबर को इसका आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक जगताप ने एक गंभीर चोरी के मामले में FIR दर्ज नहीं की।
आदेश में बताया गया है कि मार्केट यार्ड पुलिस स्टेशन के इलाके में 30 लाख रुपये के जेवरात चोरी हुए थे। शिकायत करने वाला व्यक्ति जानकारी देने और विधिवत शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचा था। आदेश में कहा गया है कि यह साफ तौर पर संज्ञेय अपराध था, यानी इसमें FIR दर्ज करना जरूरी था। इसके बजाय जगताप ने इसे सिर्फ स्टेशन डायरी में दर्ज किया। आदेश के अनुसार इससे एक गंभीर अपराध को एक तरह से दबा दिया गया।
आदेश में इसे बड़ी चूक बताया गया है। उसमें कहा गया है कि जगताप का यह रवैया अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदारी दिखाता है और इससे जनता की नजर में पुलिस की छवि खराब होती है। कर्तव्य में लापरवाही और ढीले आचरण के लिए उन्हें आदेश की तारीख से सस्पेंड किया गया है।
यह सस्पेंशन उस विभागीय जांच के नतीजे पर निर्भर रहेगा, जो इस मामले में शुरू की जानी है। आदेश महाराष्ट्र पुलिस (दंड और अपील) नियम, 1956 के नियम 3(1-A)(i)(a) के तहत जारी हुआ है, जिसे महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 25 के साथ पढ़ा गया है।
सस्पेंशन के दौरान जगताप को महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज नियमों के नियम 68 के तहत निर्वाह भत्ता मिलेगा। सस्पेंशन से ठीक पहले जिन दरों पर शहर प्रतिपूरक भत्ता और मकान किराया भत्ता मिल रहा था, उन्हीं दरों पर ये दोनों भत्ते उन्हें मिलते रहेंगे। निर्वाह भत्ते पर महंगाई भत्ता भी मिलेगा।
भत्ता लेने के लिए उन्हें हर महीने एक सर्टिफिकेट जमा करना होगा, जिसमें लिखा हो कि उन्होंने कोई निजी नौकरी, कारोबार या दूसरा कोई पैसे वाला काम नहीं लिया है। अगर वे ऐसा कोई काम करते हैं, तो उस अवधि का भत्ता उन्हें नहीं मिलेगा।
इस दौरान जगताप को किसी भी तरह की छुट्टी का हक नहीं होगा। मुख्यालय छोड़कर कहीं जाने के लिए उन्हें पुणे सिटी के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रशासन) से इजाजत लेनी होगी। साथ ही पूरे सस्पेंशन के दौरान उन्हें रोज पुणे सिटी के कंट्रोल रूम में पुलिस इंस्पेक्टर के सामने हाजिरी लगानी होगी।
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