पिंपळे गुरव में कचरे से मिले दो पैर, सिम कार्ड के सहारे 12 घंटे में संदिग्ध हिरासत में
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पिंपरी-चिंचवड के पिंपळे गुरव में कचरे के ढेर से इंसान के दो पैर मिले। सांगवी पुलिस ने सिम कार्ड के कवर से मृतक की पहचान की और संदिग्ध विष्णू कुंभार उर्फ पिंट्या को हिरासत में लिया।
पिंपरी-चिंचवड के पिंपळे गुरव इलाके में इंसानी शरीर के टुकड़े मिलने से हड़कंप मच गया। कचरे के ढेर में प्लास्टिक की बोरी के अंदर एक आदमी के दो पैर मिले। पुलिस ने जांच शुरू की तो मृतक की पहचान अनिल खाडे (उम्र 50) के रूप में हुई। पुलिस को शक है कि शराब के नशे में हुए झगड़े के बाद उनके ही दोस्त ने उनकी हत्या की। सांगवी पुलिस ने सिर्फ 12 घंटे के अंदर संदिग्ध विष्णू कुंभार उर्फ पिंट्या को हिरासत में ले लिया।
मामला शुक्रवार, 6 नवंबर को सुबह करीब 11 बजे सामने आया। पिंपळे गुरव के श्रीनगर की गली क्रमांक 3 में काटेपुरम चौक से रामकृष्ण मंगल कार्यालय रोड पर एक जगह कचरा पड़ा रहता है। महानगरपालिका के कर्मचारी वहां सफाई कर रहे थे, तभी उन्हें प्लास्टिक की बोरी में आदमी के घुटनों से नीचे के दो पैर दिखे।
खबर मिलते ही सांगवी पुलिस मौके पर पहुंच गई। आसपास के इलाके की तलाशी ली गई और यह भी देखा गया कि कहीं शरीर के बाकी हिस्से भी तो नहीं फेंके गए हैं। जांच में डॉग स्क्वॉड की मदद भी ली गई, लेकिन शुरुआत में पुलिस के हाथ कोई अहम सुराग नहीं लगा।
पुलिस ने फिर उस बोरी की बारीकी से जांच की। उसमें से मोबाइल सिम कार्ड का एक हिस्सा मिला, जिस पर मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी थी। इसी के आधार पर पुलिस ने संबंधित ठेकेदार से संपर्क किया। पूछताछ में पता चला कि यह सिम कार्ड अनिल खाडे को दिया गया था।
इसके बाद पुलिस उनके परिवार वालों तक पहुंची। शुरू में मृतक की पहचान करने में दिक्कत आई। लेकिन परिवार वालों के मोबाइल में मौजूद फोटो का मिलान मौके पर मिले पैरों से किया गया, तो पुलिस को अहम सुराग मिल गया।
अनिल खाडे के बारे में और जानकारी निकालने पर पुलिस को पता चला कि उनका विष्णू कुंभार उर्फ पिंट्या से नजदीकी संपर्क था। पुलिस ने संदिग्ध की तलाश शुरू की। जब पुलिस की टीम विष्णू कुंभार के घर के पास पहुंची तो इलाके में बदबू आ रही थी। घर की पड़ताल में अंदर लाश होने का शक हुआ। अंदर जाकर देखा तो अनिल खाडे का शव मिला। शुरुआती जांच में दिखा कि शव के दोनों पैर काटे गए थे।
पुलिस के मुताबिक मृतक के सिर पर गहरी चोट थी। शुरुआती अंदाजा है कि हमले में हंसिया और लोहे की किसी चीज का इस्तेमाल हुआ।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक अनिल खाडे और विष्णू कुंभार दोनों को शराब पीने की आदत थी। घटना के दिन दोनों के बीच नशे में झगड़ा हुआ, ऐसी जानकारी सामने आई है। पुलिस को शक है कि इसी झगड़े में हत्या हुई।
अभी यह जांच चल रही है कि शव के टुकड़े अलग-अलग जगह क्यों फेंके गए, इसके पीछे असली मकसद क्या था और वारदात में किसी और का हाथ तो नहीं है। इस वारदात से पूरे इलाके में डर का माहौल है। पुलिस की आगे की जांच से ही हत्या की वजह और पूरा घटनाक्रम साफ होगा।
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