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हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन 3 आठ तारीखें चूकने के बाद आखिर खुली

हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन 3 आठ तारीखें चूकने के बाद आखिर खुली तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

पुणे की हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन 3 का उद्घाटन मंगलवार को हुआ, लेकिन उससे पहले यह कॉरिडोर आठ प्रस्तावित तारीखें चूक चुका था।

पुणे, 3 नवंबर 2026: हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन 3 का आखिरकार उद्घाटन हो गया। लेकिन यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। बार-बार तारीखें आगे खिसकीं, निर्माण में अड़चनें आईं, सेफ्टी की मंजूरी अटकी और प्रशासनिक देरी भी हुई। 23 किलोमीटर का यह कॉरिडोर आईटी हब और पुणे के बीच रोज आने-जाने वाले हजारों लोगों को राहत देने वाला है। मंगलवार को हुए उद्घाटन से पहले यह आठ प्रस्तावित लॉन्च तारीखें चूक चुका था।

शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को 40 महीनों में पूरा करना था और इसके लिए 25 मार्च 2025 की डेडलाइन तय हुई थी। इसके बाद कंसेशनेयर ने निर्माण के दौरान एक साथ आई देरी का हवाला देकर 543 दिन की मोहलत मांगी। नतीजा यह हुआ कि समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई।

देरी की एक बड़ी वजह यह थी कि काम भीड़भाड़ वाली मुख्य सड़कों पर करना पड़ रहा था। इसके लिए बैरिकेडिंग की इजाजत, ट्रैफिक का इंतजाम और मौजूदा यूटिलिटी की शिफ्टिंग जरूरी थी। इसमें हाई-वोल्टेज बिजली की लाइनें और जमीन के नीचे की सेवाएं भी शामिल थीं।

अगस्त 2025 में PMRDA के अधिकारियों ने माना था कि बैरिकेडिंग की इजाजत मिलने में देरी और यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम पूरा न होने से निर्माण की रफ्तार पर असर पड़ा। मुख्य सड़कों पर भारी ट्रैफिक और वीआईपी मूवमेंट की वजह से बिना रुकावट काम करने के घंटे भी कम मिले। इसके अलावा यूनिवर्सिटी चौक और ई-स्क्वायर जंक्शन के बीच इंटीग्रेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर भी बनाना था, जिससे तालमेल की जरूरत और बढ़ गई।

काफी काम पूरा हो जाने के बाद भी मेट्रो यात्रियों के लिए शुरू नहीं हो सकती थी। इसके लिए कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) की मंजूरी जरूरी है। जुलाई 2026 में अधिकारी इसी सेफ्टी क्लीयरेंस के इंतजार में थे, इसलिए लॉन्च और टल गया। निरीक्षण की प्रक्रिया चल रही थी, मगर रेगुलेटर की मंजूरी के बिना यात्री सेवा शुरू नहीं की जा सकती थी।

जुलाई में सेफ्टी क्लीयरेंस मिलने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि मेट्रो जल्द खुल जाएगी। पर सितंबर में एक और रुकावट आ गई। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों का ऐलान कर दिया। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई और वह अक्टूबर तक जारी रही। इसका असर सार्वजनिक उद्घाटन की योजना पर पड़ा।

PMRDA के महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने भी बताया था कि प्राधिकरण प्रधानमंत्री कार्यालय से उद्घाटन की तारीख का इंतजार कर रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम आगे बढ़ाने से पहले प्राधिकरण को चुनाव अधिकारियों से मार्गदर्शन लेना भी जरूरी था। 24 सितंबर 2026 तक यह कॉरिडोर पिछले पांच महीनों में आठ प्रस्तावित लॉन्च तारीखें चूक चुका था।

अब आगे क्या होगा, यह भी जान लीजिए। 23.203 किलोमीटर का यह कॉरिडोर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बना है और इसकी अनुमानित लागत 8,313 करोड़ रुपये है। इसमें हिंजवडी के माण से शिवाजीनगर तक कुल 23 स्टेशन हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 नवंबर 2026 को वर्चुअली इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया। यात्री सेवा 4 नवंबर से शुरू होनी है, शुरुआत में 17 स्टेशनों पर। बाकी स्टेशन चरणों में चालू होने की उम्मीद है और पूरे कॉरिडोर का लक्ष्य जनवरी 2027 रखा गया है।

हिंजवडी-बाणेर-शिवाजीनगर की भारी जाम वाली सड़कों के मुकाबले हजारों आईटी प्रोफेशनल्स और रोज के यात्रियों के लिए यह मेट्रो एक अहम विकल्प है। हालांकि बार-बार टली तारीखों से प्रोजेक्ट की प्लानिंग, एजेंसियों के आपसी तालमेल और पुणे में बड़े शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के अमल पर सवाल भी उठे हैं।

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