दिल्ली-पुणे फ्लाइट में इमरजेंसी एग्जिट का कवर खोलने के आरोप में यात्री पर केस
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे एयरपोर्ट पुलिस ने इंडिगो की दिल्ली-पुणे फ्लाइट में इमरजेंसी एग्जिट के लीवर का कवर खोलने की कथित कोशिश पर 33 साल के यात्री के खिलाफ केस दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार नहीं किया गया।
पुणे की एयरपोर्ट पुलिस ने इंडिगो की दिल्ली-पुणे फ्लाइट में एक यात्री के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि विमान हवा में था, तभी उसने इमरजेंसी एग्जिट चलाने वाले लीवर के ऊपर लगा कवर खोलने की कोशिश की। यात्री की उम्र 33 साल बताई गई है।
FIR में यात्री का नाम गौरव सत्येंद्र रौतेला बताया गया है। वह पुणे जिले के सासवड का रहने वाला है और एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। वह 2 नवंबर को इंडिगो की फ्लाइट 6E6884 से सफर कर रहा था।
शिकायत के मुताबिक फ्लाइट दिल्ली से करीब 12.30 बजे रात को रवाना हुई थी। डीसीपी (जोन 7) अबिनाश कुमार ने बताया, "करीब 12.45 बजे सीट 19D पर बैठे रौतेला ने कथित तौर पर इमरजेंसी एग्जिट चलाने वाले लीवर के ऊपर का कवर खोलने की कोशिश की।"
शिकायत में कहा गया है कि इस हरकत से विमान के सेंसर सक्रिय हो गए। इसके बाद केबिन क्रू का एक सदस्य यात्री के पास पहुंचा। क्रू मेंबर ने उससे उसका नाम और पता पूछा और उसकी पहचान पक्की करने के लिए टिकट भी जांचा।
FIR के अनुसार विमान करीब 2.30 बजे रात को पुणे एयरपोर्ट पर उतरा।
यह शिकायत ओंकार विनोद कुलकर्णी ने दर्ज कराई है। उनकी उम्र 28 साल है और उन्होंने खुद को इंडिगो के सिक्योरिटी विभाग का सीनियर एग्जीक्यूटिव बताया। उनका आरोप है कि यात्री की इस हरकत से विमान में सवार दूसरे लोगों की जान और निजी सुरक्षा खतरे में पड़ गई।
एयरपोर्ट पुलिस ने 2 नवंबर को शाम 7.56 बजे FIR नंबर 0520/2026 दर्ज की। FIR में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 125 के साथ विमानन से जुड़ी एक धारा भी लगाई गई है। मामले की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर दिलीप कांता पालवे को सौंपी गई है।
पुलिस के मुताबिक इन धाराओं में सजा सात साल से कम है, इसलिए रौतेला को गिरफ्तार नहीं किया गया। यानी फिलहाल मामला दर्ज हुआ है और जांच चल रही है। जो बातें सामने आई हैं, वे शिकायत में लगाए गए आरोप हैं।
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