उल्हासनगर: दिवाली में पटाखों के प्रदूषण के खिलाफ टोल फ्री हेल्पलाइन
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उल्हासनगर नगर निगम ने पटाखों के प्रदूषण और नियम तोड़ने वालों की शिकायत के लिए अलग टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू की है।
दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाले हवा और शोर के प्रदूषण को रोकने के लिए उल्हासनगर नगर निगम ने अहम कदम उठाया है। पटाखों के प्रदूषण और नियम तोड़ने वालों की शिकायत के लिए निगम ने अलग से टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू की है। नागरिक 1800 233 1101 नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
दिवाली के मौके पर उल्हासनगर में हवा की क्वालिटी बिगड़ने की चिंता जताई जा रही है। तापमान गिरने और प्रदूषकों की मात्रा बढ़ने से हवा की क्वालिटी पर असर पड़ रहा है। इसलिए निगम के पर्यावरण विभाग ने प्रदूषण पर काबू के लिए रोकथाम के उपाय शुरू किए हैं।
निगम ने पटाखा बनाने वालों, बेचने वालों और नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी की है। सरकार की अधिसूचना के मुताबिक 125 डेसिबल से ज्यादा आवाज वाले पटाखों को बनाना, बेचना और फोड़ना मना है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार बेरियम सॉल्ट्स, लिथियम, आर्सेनिक, सीसा और पारा जैसे खतरनाक केमिकल वाले पटाखों पर भी रोक है। इन केमिकलों से हवा में जहरीले प्रदूषक मिलते हैं, जिनका असर इंसानों की सेहत, जानवरों और पेड़-पौधों पर पड़ सकता है।
प्रतिबंधित पटाखों का स्टॉक रखने या बेचने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई की चेतावनी निगम ने दी है। जिन पटाखों की इजाजत है, उन्हें भी सिर्फ अधिकृत जगहों पर और जरूरी परमिशन लेकर ही बेचा जा सकेगा।
महाराष्ट्र सरकार की 'माझी वसुंधरा' पहल और स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 अभियान के तहत निगम ने इको-फ्रेंडली दिवाली मनाने की अपील की है। पटाखे कम से कम फोड़ने, प्लास्टिक की थैलियों की जगह कपड़े या कागज की थैलियां इस्तेमाल करने और बायोडिग्रेडेबल व दोबारा इस्तेमाल होने वाली चीजों को तरजीह देने को कहा गया है।
पटाखों के नियम टूटते दिखें या प्रदूषण से लोगों को तकलीफ हो, तो इसी नंबर पर शिकायत की जा सकती है। निगम ने नागरिकों से प्रदूषण पर काबू के लिए प्रशासन का साथ देने की भी अपील की है।
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