सूखा प्रभावित 87.45 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 4,372 करोड़ रुपये की दिवाली मदद
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राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटील के मुताबिक गुरुवार तक 304 सूखाग्रस्त तालुकों के किसानों को 4,372.83 करोड़ रुपये की दिवाली अग्रिम मदद मिल चुकी है।
महाराष्ट्र के 304 सूखाग्रस्त तालुकों के 87.45 लाख से ज्यादा किसानों के खाते में दिवाली की अग्रिम मदद पहुंच चुकी है। राज्य के राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटील ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार तक कुल 4,372.83 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं।
यह मदद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषित की थी। सूखे के हालात में किसानों को राहत देने के लिए उन्होंने दिवाली से पहले पात्र किसानों को 5,000 रुपये प्रति किसान देने का भरोसा दिलाया था।
जाधव पाटील ने कहा कि बाकी पात्र किसानों को पैसा भेजने का काम जारी है। जिन भुगतानों में तकनीकी दिक्कतें आई हैं, वे दिक्कतें दूर होते ही जारी कर दिए जाएंगे। मंत्री के मुताबिक राजस्व, राहत और पुनर्वास तथा कृषि विभाग ने युद्धस्तर पर काम किया, ताकि मदद सीधे किसानों के बैंक खाते में जाए।
छत्रपति संभाजीनगर डिविजन में सबसे ज्यादा वितरण हुआ। यहां 33.36 लाख किसानों को 1,668.18 करोड़ रुपये मिले। जिलेवार देखें तो बीड में 6.12 लाख किसानों को 306.05 करोड़ रुपये, छत्रपति संभाजीनगर में 4.44 लाख किसानों को 222.19 करोड़ रुपये और धाराशिव में 3.47 लाख किसानों को 173.54 करोड़ रुपये दिए गए। हिंगोली में 2.12 लाख किसानों को 106.38 करोड़ रुपये, जालना में 4.38 लाख किसानों को 219.42 करोड़ रुपये, लातूर में 3.81 लाख किसानों को 190.98 करोड़ रुपये, नांदेड़ में 5.62 लाख किसानों को 281.43 करोड़ रुपये और परभणी में 3.36 लाख किसानों को 168.19 करोड़ रुपये मिले।
नाशिक डिविजन के 18.07 लाख किसानों को कुल 903.52 करोड़ रुपये मिले। इसमें अहिल्यानगर के 8.07 लाख किसानों को 403.64 करोड़ रुपये, धुले के 65,930 किसानों को 32.97 करोड़ रुपये, जलगांव के 4.08 लाख किसानों को 204.32 करोड़ रुपये, नंदुरबार के 1.07 लाख किसानों को 53.77 करोड़ रुपये और नाशिक के 4.17 लाख किसानों को 208.82 करोड़ रुपये शामिल हैं।
पुणे डिविजन में 15.06 लाख किसानों के खाते में 753.19 करोड़ रुपये गए। कोल्हापुर के 74,893 किसानों को 37.45 करोड़ रुपये, पुणे के 3.28 लाख किसानों को 164.27 करोड़ रुपये, सांगली के 2.06 लाख किसानों को 103.30 करोड़ रुपये, सातारा के 3.01 लाख किसानों को 150.73 करोड़ रुपये और सोलापुर के 5.94 लाख किसानों को 297.44 करोड़ रुपये मिले।
अमरावती डिविजन में 12.82 लाख किसानों को 641.10 करोड़ रुपये दिए गए। अकोला में 1.62 लाख किसानों को 81.08 करोड़ रुपये, अमरावती में 3.06 लाख किसानों को 153.35 करोड़ रुपये, बुलढाणा में 4.25 लाख किसानों को 212.92 करोड़ रुपये, वाशिम में 1.59 लाख किसानों को 79.75 करोड़ रुपये और यवतमाल में 2.28 लाख किसानों को 114 करोड़ रुपये मिले।
नागपुर डिविजन में 7.50 लाख किसानों को 375.02 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए। भंडारा के 1,00,158 किसानों को 50.08 करोड़ रुपये, चंद्रपुर के 2,00,629 किसानों को 100.31 करोड़ रुपये, गढ़चिरौली के 30,788 किसानों को 15.39 करोड़ रुपये, गोंदिया के 74,910 किसानों को 37.46 करोड़ रुपये, नागपुर के 1.92 लाख किसानों को 96.38 करोड़ रुपये और वर्धा के 1.50 लाख किसानों को 75.40 करोड़ रुपये मिले।
कोंकण डिविजन में सबसे कम वितरण हुआ। यहां 63,647 किसानों को 31.82 करोड़ रुपये मिले। पालघर के 8,213 किसानों को 4.11 करोड़ रुपये, रायगड के 2,218 किसानों को 1.11 करोड़ रुपये, रत्नागिरी के 22,494 किसानों को 11.25 करोड़ रुपये और सिंधुदुर्ग के 30,722 किसानों को 15.36 करोड़ रुपये दिए गए।
कुछ किसानों को अभी तक पैसा नहीं मिल पाया है। वजह बैंक खाते की तकनीकी दिक्कतें, खाते की जानकारी में गड़बड़ी और दूसरे कारण बताए गए हैं। संबंधित अधिकारी इन दिक्कतों को सुलझाने और अटके हुए भुगतान निपटाने में लगे हैं।
जाधव पाटील ने बताया कि सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि सूखे से प्रभावित कोई भी पात्र किसान इस मदद से छूट न जाए। वितरण पर नजर रखी जा रही है और तकनीकी दिक्कतें दूर होने पर बाकी पात्र लाभार्थियों को भी पैसा मिल जाएगा।
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