शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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मुंबई के नालों पर लगेंगी लोहे की जालियां, करीब 300 करोड़ रुपये का खर्च

मुंबई के नालों पर लगेंगी लोहे की जालियां, करीब 300 करोड़ रुपये का खर्च तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 शहर डेस्क

मुंबई नगर निगम नालों में कचरा फेंकने से रोकने के लिए जालियां लगाएगा। उसका दावा है कि नालों की सफाई का खर्च करीब 50 प्रतिशत घटेगा।

नालों में कचरा फेंकने की आदत से परेशान मुंबई नगर निगम ने अब बड़ी योजना बनाई है। शहर के प्रमुख नालों पर लोहे की जालियां लगाई जाएंगी और इस पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नगर निगम का दावा है कि इससे नालों में कचरा फेंकना कम होगा और नाला सफाई पर होने वाला खर्च भी लगभग 50 प्रतिशत घट जाएगा।

यह बात नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त (परियोजना) अभिजित बांगर ने बताई। पार्षदों के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नालों में कचरा डालने पर रोक लगाने के लिए लोहे की जालियां लगाने का प्रोजेक्ट हाथ में लिया गया है। बांगर के मुताबिक कचरा फेंकना रुकेगा और सफाई का खर्च करीब आधा हो सकता है।

उधर नाला सफाई के असली काम को लेकर पार्षदों ने प्रशासन को घेरा। शिवसेना (शिंदे गुट) की पार्षद यामिनी जाधव ने ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि ठेकेदार सिर्फ मशीनें नाले में उतारने के लिए रैंप बना देते हैं, जबकि सफाई का असली काम मजदूरों से करवाया जाता है। जाधव ने यह भी कहा कि लोगों की बार-बार शिकायतों के बावजूद शहर के प्रमुख नालों की ठीक से सिल्ट सफाई नहीं हुई है।

भाजपा के पार्षद हरीश भांडिरगे ने इन आरोपों का समर्थन किया। उनका कहना था कि आज भी जाकर देखें तो कई नाले जाम और ओवरफ्लो मिलेंगे। उन्होंने दिवाली के दौरान कुछ इलाकों में पानी भरने की घटनाओं की तरफ भी ध्यान दिलाया और कहा कि लोगों को अब भी पानी भरने की दिक्कत झेलनी पड़ रही है।

हर साल मानसून से पहले नाला सफाई होती है, फिर भी नालों में कचरा फेंकने की समस्या बनी रहती है। खासकर झोपड़पट्टी वाले इलाकों में सोफा, अलमारी और फर्नीचर जैसा बड़ा कचरा भी नालों में डाल दिया जाता है। इससे नाले जाम होते हैं और पानी भरने का खतरा बढ़ जाता है।

इसी को रोकने के लिए नगर निगम के वर्षा जल निकासी विभाग ने दिसंबर 2023 में बांद्रा पश्चिम की पी एंड टी कॉलोनी के नालों पर ट्रायल के तौर पर लोहे की जालियां लगाई थीं। इस प्रयोग को जैसा रिस्पॉन्स मिला, उसके बाद झोपड़पट्टियों और चॉलों के आसपास के दूसरे संवेदनशील नालों पर भी जालियां लगाने का फैसला हुआ।

मुंबई में कुल 314 बड़े नाले हैं और उनकी कुल लंबाई 300.131 किलोमीटर है। इनमें मुंबई शहर विभाग के 30, पूर्व उपनगरों के 125, पश्चिम उपनगरों के 149 और मीठी नदी इलाके के तीन नाले शामिल हैं।

नगर निगम का लक्ष्य मई 2028 तक उपनगरों के प्रमुख नालों पर जालियां लगाने का है। हालांकि जालियों की योजना के साथ-साथ प्रशासन को नाला सफाई के असली काम की क्वालिटी और ठेकेदारों के काम पर भी नजर रखनी होगी।

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