दिवाली में मिठाई खरीदते वक्त रहें सावधान, FDA आयुक्त मुंढे ने बताया कैसे पहचानें मिलावट
अन्न और औषध प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने त्योहार से पहले लोगों को चेताया है। उन्होंने नकली मिठाई पहचानने के तरीके बताए और अब तक की कार्रवाई के आंकड़े दिए।
आज से दिवाली शुरू हो गई है और दुकानों में मिठाई और खोया बड़े पैमाने पर बिक रहा है। आने वाले दिनों में इनकी बिक्री और बढ़ेगी। इससे पहले अन्न और औषध प्रशासन विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी है।
मीडिया से बात करते हुए मुंढे ने कहा कि लोग उतनी ही मिठाई खरीदें जितनी जरूरत हो। जो खोया मिठाई दुकान में दो या तीन दिन से ज्यादा पड़ी हो, उसे न लें। मिठाई या खोया खरीदते समय पूरी सावधानी बरतने की उन्होंने अपील की। उनका कहना था कि नामी और लेबल लगी मिठाई और खोया ही खरीदें। अगर कुछ भी शक हो या मिलावट की शिकायत हो, तो FDA को बताएं, विभाग सही कार्रवाई करेगा। मिठाई और दूसरी दुकानों के संचालकों को भी पूरी एहतियात बरतनी होगी, यह भी उन्होंने कहा।
नकली मिठाई पहचानने के लिए मुंढे ने कुछ बातें बताईं। जिस मिठाई में ज्यादा रंग हो या रंग बहुत भड़कीला दिखे, उसे न खरीदें। पैकेट पर मिठाई या खोये के बनने की तारीख लिखी हो, तभी लें। सोने या चांदी का वर्ख लगी मिठाई में खास ध्यान रखें। चांदी का वर्ख जांचकर ही लें। वर्ख को हाथ में लेने पर अगर वह घुल जाए तो ठीक है। लेकिन अगर उसकी फॉइल बन रही हो, तो समझ लें कि वह एल्युमिनियम फॉइल है। इसलिए चांदी या सोने के वर्ख वाली मिठाई लेते समय सतर्क रहें।
कार्रवाई के बारे में मुंढे ने कहा कि लोगों की सेहत ठीक रखना विभाग का काम है। इसी वजह से त्योहारों के मौसम में राज्यभर में मुहिम चलाई गई है। 1 सितंबर से 3 नवंबर तक की इस कार्रवाई में कुल 954 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। 64 करोड़ 45 लाख रुपये कीमत का अन्न भंडार जब्त किया गया है। इस दौरान 9667 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच हुई, 4603 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिया गया और 8835 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए। उन्होंने बताया कि 398 टन अन्न भंडार जब्त किया गया है।
सिर्फ दिवाली के दौरान, यानी 15 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच, 3332 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इनमें से 1501 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिया गया, 326 लाइसेंस निलंबित किए गए और 15 परमिट रद्द किए गए। इसी अवधि में 1828 टन अन्न भंडार जब्त किया गया है। दिवाली को देखते हुए दूसरे राज्यों से आया खोया, मावा, दूध, पनीर, खाने का तेल, खाने के रंग और दूसरी चीजों की भी जांच की गई है।
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