गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

मुंबई में किताब विमोचन पर उद्धव और राज ठाकरे के साथ एक मंच पर दिखे मुख्यमंत्री फडणवीस

मुंबई में किताब विमोचन पर उद्धव और राज ठाकरे के साथ एक मंच पर दिखे मुख्यमंत्री फडणवीस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अलग-अलग पार्टियों के नेताओं का साथ दिखना महाराष्ट्र की परंपरा है, इसमें हैरानी की कोई बात नहीं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को मुंबई में एक किताब के विमोचन कार्यक्रम में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे के साथ एक ही मंच पर नजर आए। फडणवीस ने कहा कि इसमें हैरान होने जैसा कुछ नहीं है, क्योंकि पार्टी लाइन के पार आपसी मेलजोल महाराष्ट्र की परंपरा का हिस्सा रहा है।

कार्यक्रम "महाराष्ट्र की हास्यरेखा" नाम की किताब के विमोचन का था। इस किताब में 75 कार्टूनिस्टों के काम और उनके परिचय को दर्ज किया गया है। मंच से बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि राज्य में अलग-अलग पार्टियों के बीच संवाद की पुरानी परंपरा रही है।

फडणवीस ने कहा, "मुझे नहीं पता कुछ लोगों को हमें एक मंच पर देखकर हैरानी क्यों हुई। हमें कोई हैरानी नहीं है। यह महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है। अलग-अलग पार्टियों के नेता एक ही कार्यक्रम में आ सकते हैं, साथ हंस सकते हैं और साथ चाय पी सकते हैं।"

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, "2019 तक उद्धवजी जब भी बुलाते थे, मैं जाता था। 2019 के बाद उन्होंने बुलाया नहीं। मैं इंतजार करता रहा।"

बता दें कि बीजेपी और अविभाजित शिवसेना कभी लंबे समय तक सहयोगी रहे थे। 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर दोनों की राहें अलग हो गईं और वे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बन गए।

कार्टूनिस्टों के लिए गैलरी पर भी फडणवीस ने बात की। उन्होंने कहा कि मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए एक अलग गैलरी बनाने का प्रस्ताव है। फडणवीस के मुताबिक, वे इसके लिए खुद पहल करेंगे और इस गैलरी के लिए राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का सहयोग भी मांगेंगे, ताकि कार्टूनिस्टों का काम लोगों के सामने रखा जा सके।

कार्टून की कला को फडणवीस ने असाधारण बताया। उनका कहना था कि एक कार्टून भी वही असर कर सकता है जो एक संपादकीय करता है। उन्होंने कहा, "संपादकीय में बात को विस्तार से समझाया जा सकता है, लेकिन एक कार्टून भी वही संदेश उतने ही असरदार ढंग से पहुंचा देता है। नेता अक्सर कार्टूनों के विषय बनते हैं। लेकिन जब नेताओं के कार्टून बनें तो बुरा मत मानिए, उनका मजा लीजिए।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठी कार्टूनिस्टों ने लगातार अहम घटनाओं को दर्ज किया है, राजनीतिक माहौल को सामने रखा है और असहमति और आलोचना के लिए एक जरिया भी दिया है।

फडणवीस ने किताब के संपादक प्रशांत कुलकर्णी और ग्रंथाली को "महाराष्ट्र की हास्यरेखा" तैयार करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह संकलन इसलिए कीमती है कि इसमें पुराने कार्टून उनके ऐतिहासिक संदर्भ के साथ संभालकर रखे गए हैं।

हल्के-फुल्के अंदाज में फडणवीस ने राज ठाकरे की कार्टून बनाने की कला का भी जिक्र किया। उन्होंने याद किया कि उन्होंने राज ठाकरे से कहा था कि अगर कभी वे उनका कार्टून बनाएं तो उनकी नाक बड़ी बनाएं।

#मुंबई#सियासत#PT24#Politics#Mumbai

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे