मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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इमरान खान ने मांगी बिना शर्त माफी, हाई कोर्ट ने भारत में रुकने दिया, प्रोटेस्ट पर उठाए सवाल

इमरान खान ने मांगी बिना शर्त माफी, हाई कोर्ट ने भारत में रुकने दिया, प्रोटेस्ट पर उठाए सवाल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को कहा कि OCI कार्ड होल्डर को भारतीय नागरिक जैसे अधिकार नहीं मिल सकते। एक्टर इमरान खान की माफी और अंडरटेकिंग के बाद लीव इंडिया नोटिस पर रोक जारी रही।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को एक्टर इमरान खान से पूछा कि वह इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया के खिलाफ़ हुए एक प्रोटेस्ट में क्यों शामिल हुए। कोर्ट ने कहा कि ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ़ इंडिया (OCI) कार्ड रखने वाला शख्स इंडियन सिटिज़न जैसे अधिकारों का दावा नहीं कर सकता।

इसके बावजूद एक्टर को भारत में रहने की इजाज़त मिल गई। कोर्ट ने यह राहत तब दी, जब खान बिना शर्त माफ़ी मांगने के लिए तैयार हुए और उन्होंने यह अंडरटेकिंग दी कि वह आगे ऐसे प्रोटेस्ट में हिस्सा नहीं लेंगे।

खान के पास US की सिटिज़नशिप है और OCI कार्ड भी। उन्होंने फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के जारी किए 'लीव इंडिया नोटिस' को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने को कहा गया था।

चीफ जस्टिस एम.सी. त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने पिटीशन सुनी। बेंच ने इलेक्टोरल रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ हुए प्रदर्शन में खान के शामिल होने पर सवाल उठाया।

सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि OCI कार्डहोल्डर होने के नाते खान को भारतीय नागरिकों के बराबर नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी पूछा कि एक विदेशी नागरिक के तौर पर वह ऐसे मुद्दे में क्यों शामिल हुए, जो सीधे उनसे जुड़ा नहीं है। बेंच ने यह सवाल भी किया कि एक्टर करीब चार दशक से भारत में रह और काम कर रहे हैं, फिर उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए अप्लाई क्यों नहीं किया।

मामला 10 अक्टूबर को शुरू हुआ। उस दिन अगस्त क्रांति मैदान के पास एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने खान को हिरासत में लिया था। इस प्रदर्शन में वोटर रोल में बदलाव के दौरान कथित गड़बड़ियों को लेकर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी।

इसके बाद BJP नेता किरीट सोमैया ने OCI नियमों और इमिग्रेशन शर्तों के उल्लंघन की शिकायत की। इस शिकायत के बाद FRRO ने 14 अक्टूबर को नोटिस जारी किया और खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया।

खान ने बाद में हाई कोर्ट में नोटिस को चुनौती दी। उनका तर्क था कि यह कार्रवाई मनमानी थी और उन्हें अपनी सफाई पेश करने का पूरा मौका नहीं मिला। हाई कोर्ट ने पहले ही लीव इंडिया नोटिस पर रोक लगा दी थी, जिससे उनकी याचिका पर विचार होने तक वह देश में रह सकते थे।

सोमवार को कोर्ट ने खान की बिना शर्त माफी और अंडरटेकिंग पर गौर किया। उसने निर्देश दिया कि नोटिस पर यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक FRRO एक्टर को जवाब देने का मौका देकर मामले का फैसला नहीं कर लेता। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 7 दिसंबर की तारीख तय की है।

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