मुंबई उपनगर प्रशासन ने मानखुर्द, देवनार, चेंबूर में 1,236 करोड़ की 39.5 एकड़ जमीन छुड़ाई
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
आठ बड़ी कार्रवाइयों में कुर्ला, मानखुर्द, देवनार, मंडाले और चेंबूर की सरकारी और संस्थागत जमीन से अतिक्रमण हटाया गया।
मुंबई उपनगर जिला प्रशासन ने कुर्ला, मानखुर्द, देवनार, मंडाले और चेंबूर में आठ बड़ी अतिक्रमण-विरोधी कार्रवाइयां कीं। अधिकारियों के मुताबिक इनसे करीब 39.5 एकड़ सरकारी और संस्थागत जमीन खाली कराई गई, जिसकी कीमत लगभग 1,236 करोड़ रुपये बताई गई है।
इन कार्रवाइयों की अगुवाई अतिरिक्त कलेक्टर (अतिक्रमण निष्कासन) पद्माकर रोकडे ने की। निशाने पर अनधिकृत व्यावसायिक ढांचे, कबाड़ के यार्ड, गोदाम, दुकानें और रिहायशी अतिक्रमण थे। ताजा कार्रवाई 29 अक्टूबर को देवनार में हुई।
देवनार में लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे विकास महामंडल (LIDCOM) की जमीन पर करीब 8,000 वर्ग मीटर के व्यावसायिक अतिक्रमण हटाए गए। यह जमीन कुर्ला तालुका के देवनार गांव में सिटी सर्वे नंबर 1/A/3 और सर्वे नंबर 93 के तहत आती है। करीब दो एकड़ की इस जमीन की कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये है। प्रशासन के मुताबिक जमीन अब LIDCOM को सौंप दी गई है। वहां ढांचों का अवैध सामान और पतरे की बाड़ हटाई गई।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साल 2000 की Google Earth सैटेलाइट तस्वीरों में यह प्लॉट खाली दिखता है। बाद में धीरे-धीरे इस पर कब्जा होता गया।
यह कार्रवाई मुंबई उपनगर के जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में हुई और रोकडे ने इसकी अगुवाई की। इसमें उप जिलाधिकारी (चेंबूर), उपविभागीय अधिकारी (पूर्वी उपनगर), कुर्ला के तहसीलदार और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल थे। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मशीनरी और इंतजाम में मदद दी, जबकि कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस तैनात रही।
प्रशासन के रिकॉर्ड के मुताबिक बाकी बड़ी कार्रवाइयां इस तरह रहीं:
मानखुर्द में बॉम्बे सोप कंपनी इलाके में 8 और 9 अप्रैल 2026 को 11 एकड़ सरकारी जमीन खाली कराई गई। नए अतिक्रमण की खबरों के बाद 29 अप्रैल को करीब 200 अस्थायी झोपड़ियां और दो पक्के ढांचे हटाए गए। सेंट्रल जेल के लिए तय इस जमीन की कीमत लगभग 330 करोड़ रुपये है।
कुर्ला और मंडाले के कबाड़ इलाकों में 11 जून को मौजा मानखुर्द की भराव से बनी जमीन समेत करीब 14 एकड़ सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटा। इसमें करीब 100 से 110 अनधिकृत गोदाम और दुकानें हटाई गईं। जमीन की कीमत लगभग 420 करोड़ रुपये है और आवंटन बाकी है।
मानखुर्द में CTS नंबर 676/A की संपत्ति पर 1,844 वर्ग मीटर का अनधिकृत निर्माण हटाया गया। जमीन की कीमत करीब 5.4 करोड़ रुपये है और आवंटन बाकी है।
देवनार में शकीला अंसारी कंपाउंड में 19 मई को 200 वर्ग मीटर सरकारी जमीन से करीब 22 अनधिकृत झोपड़ियां हटाई गईं। इसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपये है और आवंटन बाकी है।
मानखुर्द में टाटा पावर की जमीन पर 30 जून को ट्रांसमिशन लाइन के गलियारे से करीब चार एकड़ सरकारी जमीन खाली कराई गई, जिसकी कीमत 120 करोड़ रुपये है। ऊपर से हाई-वोल्टेज लाइनें गुजरने की वजह से यह जमीन आवंटित नहीं की जा सकती।
चेंबूर में शंकर कॉलोनी नाले के पास इंडियन ऑयल नगर के सामने 25 अगस्त को करीब 2.10 एकड़ सरकारी जमीन से अवैध ढांचे हटाए गए। इसकी कीमत लगभग 120 करोड़ रुपये है।
मानखुर्द में चिल्ड्रन एड सोसायटी इलाके में 10 सितंबर को छह एकड़ सरकारी जमीन से गोदाम और दुकानों समेत अतिक्रमण हटा। बाकी रिहायशी अतिक्रमण 27 अक्टूबर को हटाए गए। करीब 180 करोड़ रुपये की यह जमीन कुर्ला/चिल्ड्रन एड सोसायटी के लिए तय है।
अधिकारियों ने बताया कि बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और बेदखली के लिए राजस्व विभाग, पुलिस और महानगरपालिका के बीच तालमेल जरूरी होता है। पूरे अभियान की निगरानी अतिरिक्त कलेक्टर (अतिक्रमण निष्कासन), पूर्वी उपनगर करते हैं। मैदान पर काम उप जिलाधिकारी (अतिक्रमण निष्कासन), चेंबूर, स्थानीय उपविभागीय अधिकारी और तहसीलदार संभालते हैं। पुलिस कानून-व्यवस्था देखती है और BMC तोड़फोड़ व सफाई के लिए भारी मशीनें और तकनीकी मदद देती है।
रोकडे ने कहा कि ये आठ कार्रवाइयां मानखुर्द, मंडाले, चेंबूर और देवनार में अनधिकृत रिहायशी और व्यावसायिक कब्जों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि देवनार की ताजा कार्रवाई कई एजेंसियों को साथ लेकर योजना से काम करने पर प्रशासन का जोर दिखाती है। उनके मुताबिक 1,236 करोड़ रुपये की करीब 39.5 एकड़ जमीन वापस लेना एक बड़ी कार्रवाई है।
प्रशासन ने कहा कि वह अवैध कब्जों की पहचान और बेदखली की कार्रवाई जारी रखेगा, ताकि सार्वजनिक जमीन अपने तय इस्तेमाल के लिए वापस मिल सके।
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