गोरेगांव का टोपिवाला मार्केट आठ साल बाद 30 नवंबर को आंशिक रूप से खुलने की उम्मीद
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गोरेगांव के पुराने टोपिवाला मार्केट की पहली दो मंजिलों की 206 दुकानें 30 नवंबर तक व्यापारियों को देने का भरोसा नगर निगम अधिकारियों ने दिया है।
गोरेगांव के ऐतिहासिक टोपिवाला मार्केट के दोबारा खुलने का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। पिछले आठ साल से पुनर्विकास का इंतजार कर रहा यह मार्केट 30 नवंबर को आंशिक रूप से शुरू होने की संभावना है।
पहली दो मंजिलों पर बनी 206 दुकानें व्यापारियों के लिए खोली जाएंगी। कई साल से धंधे के लिए जूझ रहे सैकड़ों व्यापारियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
मुंबई महानगरपालिका के पी-दक्षिण विभाग कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में मार्केट शुरू करने की तारीख तय की गई। यह बैठक मुंबई उत्तर-पश्चिम के सांसद रवींद्र वायकर ने बुलाई थी और उन्होंने पुनर्विकास के काम का जायजा लिया। बैठक में महानगरपालिका अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि 30 नवंबर तक पहली दो मंजिलों की दुकानें व्यापारियों को मिल जाएंगी।
साल 2018 में पुरानी मार्केट बिल्डिंग और उसके बगल का थिएटर गिराकर आधुनिक कमर्शियल और रिहायशी कॉम्प्लेक्स बनाने का काम शुरू हुआ था। लेकिन काम अटक गया, इसलिए कई व्यापारियों को आसपास की सड़कों पर धंधा करना पड़ रहा है। इससे उनके कारोबार पर असर पड़ा है और इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ी है।
शिवसेना के शिंदे गुट के पूर्व पार्षद दिलीप शिंदे ने कहा कि मार्केट बंद रहने से व्यापारियों का बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि फल और सब्जी खरीदने के लिए इस मार्केट पर निर्भर स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो रही है। शिंदे ने चेतावनी दी कि अगर 30 नवंबर की मियाद नहीं निभाई गई, तो महानगरपालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
देरी की वजह क्या रही? महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक पुनर्विकास में कई तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें आईं। जमीन के नीचे की हाई-टेंशन बिजली लाइनें हटाना, सख्त चट्टानों में खुदाई, कानूनी रुकावटें, कोरोना काल में काम का रुकना और पिछले ठेकेदार का करार रद्द होना, इन वजहों से प्रोजेक्ट लेट हुआ।
यह 16 मंजिला प्रोजेक्ट कुल 3 हजार 438 वर्ग मीटर जमीन पर बन रहा है। ग्राउंड फ्लोर पर 112 और पहली मंजिल पर 94, यानी कुल 206 कमर्शियल दुकानें होंगी। इसके अलावा 53 रिहायशी फ्लैट, 800 सीटों का सभागार, 192 गाड़ियों की पार्किंग और छत पर मनोरंजन की सुविधाएं भी बनेंगी।
प्रोजेक्ट की लागत पहले 125.71 करोड़ रुपये आंकी गई थी। गोरेगांव मार्केट ट्रेडर्स वेल्फेयर एसोसिएशन ने महानगरपालिका के मार्केट विभाग से पुनर्विकास की मांग की थी, जिसके बाद 2018 में काम शुरू हुआ। करीब दो साल काम ठप रहने के बाद 2022 में फिर शुरू हुआ। इस बीच मूल ठेकेदार का करार खत्म होने पर महानगरपालिका ने लागत बढ़ाने की 10 प्रतिशत की सीमा ढीली करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया। नतीजा यह कि ठेका रद्द हुआ और बचे काम के लिए 2024 में नया टेंडर निकाला गया। बार-बार की देरी और टैक्स से जुड़े बदलावों से लागत 125.71 करोड़ से सीधे 202 करोड़ रुपये हो गई है।
पूरा प्रोजेक्ट मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बताया जा रहा है कि बचा हुआ काम उससे पहले निपटाने की कोशिश चल रही है।
टोपिवाला मार्केट का नाम अनंत शिवाजी देसाई के नाम पर पड़ा है। टोपी बेचने का धंधा करने की वजह से वे 'टोपिवाला' नाम से मशहूर थे। अब आठ साल के इंतजार के बाद इस ऐतिहासिक मार्केट के फिर जिंदा होने की उम्मीद है। 30 नवंबर को 206 दुकानें शुरू हुईं, तो व्यापारियों को अपनी पक्की जगह मिलेगी और इलाके की सड़कों पर भीड़ और ट्रैफिक जाम कम होने में भी मदद मिल सकती है।
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