गोकुल दूध संघ पर राउत का फडणवीस पर निशाना, बोले- दिलचस्पी न होती तो अवैध डायरेक्टर न बनते
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शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने गोकुल दूध संघ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की। राउत ने कहा कि फडणवीस को दिलचस्पी न होती तो अवैध डायरेक्टर नियुक्त नहीं किए जाते।
राउत के मुताबिक यह सब हसन मुश्रीफ और महाडिक जैसे हार चुके लोगों को फिर से लाने के लिए चल रहा है। उन्होंने कहा कि बहुमत वाले का अध्यक्ष चुना जाना चाहिए और सतेज पाटील का पैनल जीता है। राउत ने कहा कि चुनाव अधिकारी ने सतेज पाटील के पैनल की जीती हुई दो सीटें हसन मुश्रीफ के पैनल में डाल दीं, वरना उसे 15 सीटें मिलतीं। राउत ने कहा कि लोकतंत्र के फैसले को पैरों तले रौंदा गया है।
राउत ने कहा कि आज दिवाली है और मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की है कि मंत्री किसानों के घर जाकर दिवाली मनाएं। उन्होंने माना कि किसान के घर दिवाली का विचार अच्छा है, लेकिन मुख्यमंत्री को देखना चाहिए कि क्या 5000 रुपये में दिवाली सचमुच मनाई जा सकती है। राउत ने कहा कि यह किसानों के साथ दिखने की कोशिश है और एक दिन त्योहार मनाने से सवाल खत्म नहीं होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बार-बार जाना पड़ेगा।
राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री सैनिकों के साथ दिवाली मनाते हैं, फिर भी चीन की घुसपैठ नहीं रुकती और पुलवामा नहीं रुकता। एक दिन के कार्यक्रम के बाद आगे क्या, नया क्या और खास तारीफ की बात क्या है, यह उन्होंने पूछा। उनके अनुसार यह मंत्रियों का कर्तव्य है। उन्होंने पूछा कि जो फराल परोसा जाएगा, वह किसान ने घर पर बनाया होगा या कलेक्टर ने पिछले दरवाजे से भिजवाया होगा।
एनसीपी के विलय के बारे में राउत ने कहा कि वह होगा या नहीं, यह अगला सवाल है। उनके मुताबिक असली शरद पवार की एनसीपी किसी भी हालत में धर्मांध और राष्ट्रद्रोही एनडीए के साथ नहीं जाएगी।
राउत ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी मौन हैं और 12 साल में उनका उत्पीड़न किया गया, उन्हें मानसिक यातना दी गई। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता के शिखर तक बालासाहेब ठाकरे और आडवाणी ने पहुंचाया और आडवाणी के रथ पर सवार होकर भाजपा दिल्ली की गद्दी तक पहुंची। राउत ने आरोप लगाया कि उन्हीं आडवाणी को भाजपा ने, यानी मोदी, शाह और फडणवीस ने, बारह साल के लिए वनवास में भेज दिया।


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