दिवाली से पहले पश्चिम रेलवे का 'ऑपरेशन डीप', बिना टिकट सफर करने वालों पर कसेगा शिकंजा
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त्योहारी भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों में खास टिकट-चेकिंग ड्राइव शुरू की है।
दिवाली के त्योहारी सीजन में ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए मुंबई में पश्चिम रेलवे (WR) ने 'ऑपरेशन डीप' के नाम से एक खास टिकट-चेकिंग ड्राइव शुरू की है। इसका मकसद बिना टिकट सफर करने वालों पर रोक लगाना और गलत टिकट लेकर चलने वाले यात्रियों को पकड़ना है।
इस कैंपेन में रेलवे की टिकट-चेकिंग टीमें सबअर्बन लोकल ट्रेनों के साथ-साथ लंबी दूरी की सेवाओं में भी जांच तेज करेंगी। कोशिश यह है कि किराए की चोरी बंद हो और हर यात्री सही टिकट लेकर ही सफर करे।
रेलवे का कहना है कि त्योहारों के दौरान जब आवाजाही बढ़ती है, तो बिना टिकट और बिना इजाज़त यात्राएं भी अक्सर बढ़ जाती हैं। इसी वजह से इस ड्राइव के जरिए नियमों को लागू करने की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों को पहचानने के लिए रेलवे स्टेशनों पर और ट्रेनों के अंदर अचानक जांच की जाएगी।
पश्चिम रेलवे पिछले कुछ समय से लगातार अपनी ऐसी कार्रवाई बढ़ा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल और अगस्त 2026 के बीच उसने 13.47 लाख बिना टिकट और बिना इजाज़त यात्रा करने वालों का पता लगाया। इनसे लगभग 100 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
रेलवे प्रशासन AC लोकल ट्रेनों और फर्स्ट क्लास डिब्बों में बिना इजाज़त यात्रा पर भी ध्यान दे रहा है। इन डिब्बों में साधारण टिकट या पास वाले यात्रियों को सफर करने की इजाज़त नहीं है।
जुर्माने के नियम भी सख्त हुए हैं। 20 जून, 2026 से बिना टिकट यात्रा करने पर कम से कम जुर्माना बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। जो यात्री बिना वैलिड ऑथराइज़ेशन के सफर करते पकड़े जाएंगे, उन्हें तय एक्स्ट्रा चार्ज के साथ लागू किराया भी चुकाना पड़ सकता है।
रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन में चढ़ने से पहले वैलिड टिकट जरूर खरीद लें और टिकट-चेकिंग स्टाफ के साथ सहयोग करें।
यह स्पेशल ड्राइव बिना टिकट यात्रा को हतोत्साहित करने पर फोकस करेगी। साथ ही इसका मकसद रेलवे रेवेन्यू की रक्षा करना और दिवाली की भीड़ के दौरान असली यात्रियों को आसान सफर का अनुभव देना है।
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