वायगाव के दो स्कूलों में पुलिस ने बच्चों को साइबर सुरक्षा और कानून पर दी जानकारी
निपाणी के वायगाव स्थित ऑक्सफर्ड पब्लिक स्कूल और यशवंत विद्यालय में पुलिस और चाइल्ड लाइन ने मिलकर 450 से ज्यादा बच्चों को सुरक्षा के गुर सिखाए।
वायगाव, निपाणी के ऑक्सफर्ड पब्लिक स्कूल और यशवंत विद्यालय में 22 सितंबर 2026 को बच्चों के लिए एक खास सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम रखा गया। दोनों स्कूलों ने मिलकर यह आयोजन किया, ताकि बच्चों को अपनी सुरक्षा, इंटरनेट और डिजिटल दुनिया के खतरों, ट्रैफिक नियमों और कानून के बारे में जानकारी मिल सके। इस दौरान बच्चों को सेल्फ सिक्योरिटी, साइबर सिक्योरिटी, ट्रैफिक सेफ्टी और पोक्सो कानून जैसे अहम और संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से समझाया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर भरोसा सेल और दामिनी पथक की प्रमुख, सहायक पुलिस निरीक्षक (API) माधुरी वाघाडे मौजूद थीं। उनके साथ महिला पुलिस कर्मी अर्चना और ममता भी वहां थीं। इन सबने बच्चों को आसान भाषा में समझाया कि रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे सतर्क रहें, साइबर क्राइम से खुद को कैसे बचाएं, और किसी भी इमरजेंसी में पुलिस से कैसे संपर्क करें। इस मौके पर बच्चों को 1930 और 112 नंबर जैसी जरूरी इमरजेंसी हेल्पलाइन कब और कैसे इस्तेमाल करनी है, इसकी खास जानकारी दी गई।
हेल्पलाइन 1930 साइबर क्राइम के लिए है। अगर किसी के साथ ऑनलाइन फ्रॉड या पैसों की ठगी होती है, तो तुरंत इस नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करनी चाहिए। बताया गया कि ठगी होने के कुछ घंटों के भीतर, यानी गोल्डन आवर में, अगर इस नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जाए तो ठगे गए पैसे वापस मिलने के चांस ज्यादा रहते हैं। वहीं 112 नंबर आपातकालीन प्रतिसाद यंत्रणा यानी ERSS का है। कानून-व्यवस्था की दिक्कत हो, महिलाओं और बच्चों के साथ ज्यादती हो, कोई खतरा महसूस हो, एक्सीडेंट हो जाए या तुरंत पुलिस मदद चाहिए हो, ऐसी किसी भी आपात स्थिति में 112 पर फौरन कॉल करने की अपील की गई।
इसी कार्यक्रम में चाइल्ड लाइन की माधुरी शंभरकर ने बच्चों को उनके अधिकारों और बाल संरक्षण के बारे में गाइड किया। उन्होंने समझाया कि बच्चों को किसी भी तरह की ज्यादती या गलत बात बर्दाश्त नहीं करनी चाहिए और समय रहते मदद मांगनी चाहिए। ऑक्सफर्ड पब्लिक स्कूल और यशवंत विद्यालय के कुल 450 से ज्यादा छात्र-छात्राएं और टीचर्स इस कार्यक्रम में शामिल हुए।