वसई-विरार में गणेश विसर्जन जुलूस के लिए साढ़े छह हजार पुलिस और स्टाफ तैनात
अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन जुलूस शांति से निपटे, इसके लिए वसई-विरार महानगरपालिका और पुलिस ने कड़ा बंदोबस्त लगाया है।
बारह दिन की सेवा के बाद अब गणपति बप्पा को विदा करने की तैयारी वसई-विरार में पूरी हो चुकी है। अनंत चतुर्दशी के दिन शहर में निकलने वाला विसर्जन जुलूस शांति से और बिना किसी दिक्कत के पूरा हो, इसके लिए वसई-विरार महानगरपालिका और मीरा-भाईंदर-वसई-विरार पुलिस कमिश्नरेट ने मिलकर पूरा प्लान बनाया है। महानगरपालिका के चार हजार से ज्यादा कर्मचारी और पुलिस के ढाई हजार से ज्यादा जवान, यानी कुल मिलाकर साढ़े छह हजार का बंदोबस्त शहर में लगाया गया है।
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस बार महानगरपालिका ने शहर में १२८ कृत्रिम तालाब, १८ फिरते हौद और दो खदानों की जगह कन्वेयर बेल्ट की व्यवस्था की है। बड़ी मूर्तियों के सुरक्षित विसर्जन के लिए ६ मुख्य जेटी पर राफ्ट और नावें तैयार रखी गई हैं। इस साल खास बात यह है कि वसई और विरार की मारंबलपाडा जेटी पर रो-रो सेवा भी शुरू की गई है, जहां भाविकों की मदद के लिए महानगरपालिका के कर्मचारी मौजूद रहेंगे। विसर्जन घाटों पर पानी गंदा न हो, इसके लिए जगह-जगह निर्माल्य कलश भी रखे गए हैं।
भाविकों को विसर्जन स्थल की सही जानकारी आसानी से मिल जाए, इसके लिए प्रशासन ने क्यूआर कोड की सुविधा भी दी है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय हेरवाडे ने बताया कि विसर्जन स्थलों पर फायर ब्रिगेड के जवान, जीवरक्षक, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू बोट और सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरी नजर रखी जाएगी।
भीड़ का फायदा उठाकर चोरी और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं न हों, इसके लिए सादी वर्दी में पुलिस टीमें भी गश्त पर रहेंगी। नियम तोड़ने वालों पर नजर रखने और ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए अलग टीमें भी काम करेंगी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे ने मंडलों से अपील की है कि वे ज्वार-भाटा का समय ध्यान में रखते हुए विसर्जन तय समय में ही पूरा करें, और भारी वाहनों पर लगाई गई पाबंदियों का पालन करें ताकि ट्रैफिक सुचारू रहे।
कमिश्नरेट इलाके में कुल ५९७३ गणेश मूर्तियों का विसर्जन होना है, जिनमें ६४३ सार्वजनिक और ५३३० घर की मूर्तियां शामिल हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ६ पुलिस उपायुक्त, ९ सहायक पुलिस आयुक्त, २०४ अधिकारी, १३८१ जवान, ३०० होमगार्ड और महाराष्ट्र सुरक्षा दल के १९२ जवान सड़कों पर तैनात रहेंगे। इसके अलावा एसआरपीएफ की ३ प्लाटून, आरसीपी की १ प्लाटून और २ स्ट्राइकिंग फोर्स भी लगाई गई हैं।