वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए सिंधू ने लिया ब्रेक, बोलीं- अब मैं जवान नहीं रही
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ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पी. व्ही. सिंधू ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालिफाई किया है। तैयारी के लिए उन्होंने कुछ टूर्नामेंट छोड़ दिए।
भारत की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पी. व्ही. सिंधू (PV Sindhu) ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालिफाई कर लिया है। इस बड़े टूर्नामेंट की तैयारी के लिए ही उन्होंने कुछ स्पर्धाओं से नाम वापस लेकर आराम करने का फैसला किया था। मजाकिया लहजे में सिंधू ने कहा, "मैं अब जवान नहीं रही", और इसी बहाने फिटनेस की अहमियत पर जोर दिया।
जापान ओपन सुपर 750 और जर्मनी के हायलो ओपन में खिताब जीतने के बाद सिंधू का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। 2022 के बाद पहली बार उन्होंने एक ही सीजन में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर के कई खिताब अपने नाम किए हैं। सारब्रुकेन में हुए टूर्नामेंट से पहले वे फ्रेंच ओपन के फाइनल में भी पहुंची थीं। लेकिन फाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और पेरिस ओलंपिक की चैंपियन दक्षिण कोरिया की आन से-यंग ने उन्हें हरा दिया।
हायलो ओपन की जीत के बाद सिंधू ने कोरिया ओपन और जापान मास्टर्स में न खेलने का फैसला किया। शुरू में उनका प्लान सारे टूर्नामेंट खेलने का था। मगर लगातार टूर्नामेंट खेलने के बाद उन्हें लगा कि शरीर को आराम देना होगा और आने वाले वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए पूरी तरह फिट रहना जरूरी है।
भारतीय बैडमिंटन महासंघ की तरफ से रखी गई मीडिया से बातचीत में सिंधू ने कहा कि लंबे वक्त तक टूर पर खेलने के बाद उन्हें लगा कि कोरिया ओपन और उसके बाद के टूर्नामेंट खेलना मुमकिन नहीं होगा। उनके लिए घर लौटकर आराम करना भी जरूरी था। शरीर का ख्याल रखकर अगले टूर्नामेंट के लिए फिट होना जरूरी था, इसलिए उन्होंने ब्रेक लेने का फैसला किया।
सिंधू ने आगे कहा, "मैं अब जवान नहीं रही। लेकिन मैंने यह भी कहा है कि 31 नया 21 है। इसलिए मुझे अपने शरीर का ख्याल रखना पड़ेगा।"
इस बीच बैडमिंटन में 4 जनवरी 2027 से 3 बाय 15 की नई स्कोरिंग व्यवस्था लागू होने वाली है। इस बदलाव से खेल के स्वरूप में क्या फर्क आएगा और उनका खेल इस व्यवस्था से कितना मेल खाएगा, इस पर भी सिंधू ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में शुरुआत से ही चौकन्ना और सतर्क रहना जरूरी है।
सिंधू ने साफ किया कि हर खिलाड़ी को 15 पॉइंट की व्यवस्था को ध्यान में रखकर प्रैक्टिस करनी होगी। हम कई साल से 21 पॉइंट वाली व्यवस्था में खेलते आए हैं। इसलिए नई व्यवस्था के लिए भी हमने ट्रेनिंग और प्रैक्टिस की है। हर खिलाड़ी के लिए यह बदलाव अलग होगा। शुरुआत से ही सतर्क रहना अहम है। आधा गेम खत्म होने तक आसानी से पॉइंट गंवाने नहीं चाहिए। हर पल सावधान रहना पड़ेगा, ऐसा सिंधू ने कहा।
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