वाळूज एमआयडीसी की गुडईयर कैंटीन का लाइसेंस निलंबित, जांच में मिले सिर्फ 44 अंक
अन्न व औषध प्रशासन ने वाळूज एमआयडीसी की एक कैंटीन का अन्न व्यवसाय लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिया है।
छत्रपती संभाजीनगर: अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) ने वाळूज एमआयडीसी की एक कैंटीन का अन्न व्यवसाय लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कैंटीन सोडेक्सो इंडिया सर्व्हिसेस प्रायव्हेट लिमिटेड (सी/ओ गुडईयर साऊथ एशिया टायर्स प्रायव्हेट लिमिटेड) की है। अन्न सुरक्षा और साफ-सफाई की जांच में कैंटीन को 106 में से सिर्फ 44 अंक मिले।
यह कार्रवाई विधायक प्रशांत बंब की शिकायत के बाद हुई। बंब ने कैंटीन की गड़बड़ियों की जांच की मांग करते हुए अन्न प्रशासन को पत्र दिया था। इसी पत्र के आधार पर अन्न सुरक्षा विभाग ने 30 सितंबर को कैंटीन में अचानक जांच की।
जांच अन्न सुरक्षा अधिकारी प्रज्ञा प्रमोद सुरसे ने की। 106 अंकों के पैमाने पर कैंटीन को सिर्फ 44 अंक मिले, इसलिए आखिरी नतीजे में उसे नॉन-कम्प्लायन्स दर्ज किया गया।
जांच के दौरान खाना रखने का फ्रिज जंग लगा हुआ मिला और उसका दरवाजा टूटा हुआ था। कच्चा और पका हुआ खाना, साथ ही शाकाहारी और मांसाहारी खाना एक ही जगह रखा गया था।
गंभीर कमियां मिलने के बाद लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई। सहायक आयुक्त (अन्न) और पदनिर्देशित अधिकारी द. वि. पाटील ने अन्न सुरक्षा व मानके अधिनियम, 2006 की धारा 32(3) के तहत लाइसेंस निलंबित करने का आदेश दिया।
एफडीए के सहआयुक्त श्रीकांत करकळे के मुताबिक निलंबन के दौरान कैंटीन में खाना बनाना, प्रोसेसिंग, बिक्री, वितरण और भोजन की सप्लाई समेत कैटरिंग से जुड़ा हर कामकाज बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
करकळे ने बताया कि जो भी कमियां मिली हैं, उन्हें दूर करके सबूतों के साथ अनुपालन रिपोर्ट प्रशासन को देनी होगी। इसके बाद दोबारा जांच की जाएगी। कमियों की भरपाई संतोषजनक पाई जाने के बाद ही लाइसेंस बहाल करने पर फैसला होगा।
इस तरह कैंटीन का काम तब तक बंद रहेगा, जब तक एफडीए दोबारा जांच करके लाइसेंस बहाल करने का फैसला नहीं लेता। एफडीए ने जांच में कैंटीन को 106 में से 44 अंक दिए हैं और इसी आधार पर यह कदम उठाया गया है।