त्योहारी सीजन में सब्जियों के दाम आसमान पर, प्याज 80 पार, नींबू 700 और धनिया 350 रुपये किलो
दिल्ली समेत कई राज्यों में सब्जियों के भाव पिछले एक महीने में 40-50 रुपये तक बढ़े, विक्रेताओं ने बेमौसम बारिश और मौसम में बदलाव को बताया वजह
त्योहारों का सीजन चल रहा है और इसी बीच राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। पिछले एक महीने से सब्जियों के रेट में 40 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जिसकी मार सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ रही है।
भाजी और फल बेचने वालों का कहना है कि इस महंगाई की सबसे बड़ी वजह मौसम में हो रहा बदलाव और बेमौसम बारिश है। इसी वजह से किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है और उसका सीधा असर बाजार में दिखाई दे रहा है।
रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले प्याज और आलू भी अब महंगे हो गए हैं। इसके साथ ही हरी सब्जियों के दाम में भी काफी उछाल आया है, कई जगह तो ये दाम पहले से दोगुने तक बढ़ गए हैं।
बाजार में टमाटर 40 से 60 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। कुछ दिन पहले तक 30 से 40 रुपये किलो में मिलने वाला प्याज अब 80 रुपये तक पहुंच गया है। अदरक-लहसुन के दाम में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी जा रही है। भिंडी, खीरा जैसी बाकी हरी सब्जियों के रेट भी बढ़ते नजर आ रहे हैं।
थोक और खुदरा भाव की बात करें तो जो आलू थोक बाजार में 12 रुपये किलो के हिसाब से बिकता है, वही रिटेल मार्केट में पहुंचते-पहुंचते 20 रुपये किलो हो जाता है। इसी तरह जो प्याज थोक में 36 से 45 रुपये किलो के भाव बिकता है, वो खुदरा बाजार में 75 से 80 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है।
विक्रेताओं के मुताबिक खराब मौसम और बारिश की वजह से फसलों को नुकसान हुआ और सप्लाई गड़बड़ा गई, यही भाव बढ़ने की मुख्य वजह है। बाजार में हरी सब्जियों की आवक कम होने से भी दाम बढ़े हैं। त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की वजह से आने वाले दिनों में दाम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल बाजार में कोई भी सब्जी सामान्य दाम पर नहीं मिल रही। मौसमी पत्तागोभी की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद पत्तागोभी का भाव अभी भी 60 से 80 रुपये प्रति किलो बना हुआ है। वहीं सरसों और पालक 100 रुपये से ज्यादा के दाम पर बिक रहे हैं। नींबू के दाम तो सातवें आसमान पर हैं, ये 500 से 700 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। धनिया 350 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक रहा है। सब्जियों के इन बढ़े हुए दामों की वजह से घर के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।