TVS iQube: 212km तक रेंज, कंपनी के दावे में चलाने का खर्च 18 पैसे प्रति किलोमीटर
TVS iQube ने 2026 में 10 लाख यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार किया। इसमें 5 बैटरी ऑप्शन हैं और टॉप वेरिएंट में 212km तक की IDC रेंज मिलती है।
भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में अब सिर्फ कम कीमत से बात नहीं बनती। अच्छी रेंज, कम रनिंग कॉस्ट, स्मार्ट फीचर्स और मजबूत सर्विस नेटवर्क देखकर ही कस्टमर तय कर रहे हैं कि कौन सा स्कूटर लेना है। इसी मुकाबले में TVS iQube ने अपनी अलग पहचान बनाई है। 2026 में इस स्कूटर ने 10 लाख यूनिट की बिक्री का बड़ा आंकड़ा छू लिया है, और इसी वजह से इसकी लोकप्रियता फिर चर्चा में है।
iQube की सबसे बड़ी खासियत इसके अलग-अलग बैटरी ऑप्शन हैं। यह स्कूटर 2.3kWh से लेकर 5.3kWh तक के बैटरी पैक के साथ मिलता है। कुल 5 बैटरी ऑप्शन हैं। टॉप वेरिएंट में 212km तक की IDC रेंज मिलती है, जबकि छोटी बैटरी वाले वेरिएंट में रेंज 114km तक है। यानी जो लोग रोज कम दूरी का सफर करते हैं और जिन्हें ज्यादा रेंज चाहिए, दोनों अपनी जरूरत के हिसाब से वेरिएंट चुन सकते हैं।
पेट्रोल के मुकाबले EV स्कूटर का सबसे बड़ा फायदा कम रनिंग कॉस्ट है। TVS के दावे के मुताबिक iQube चलाने में करीब Rs 0.18 प्रति किलोमीटर यानी 18 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। हालांकि असली खर्च बिजली की दर, चार्जिंग के तरीके और चलाने के अंदाज पर निर्भर करता है और बदल सकता है। घर पर ही चार्जिंग की सुविधा हो तो रोज के इस्तेमाल में यह स्कूटर बजट के हिसाब से ठीक बैठ सकता है।
फीचर्स की बात करें तो iQube में डिजिटल डिस्प्ले, नेविगेशन, OTA अपडेट्स, जिओफेन्सिंग, हिल-होल्ड और Q-Park Assist जैसी स्मार्ट सुविधाएं मिलती हैं। कंपनी ने कस्टमर्स की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर ही 5 बैटरी ऑप्शन दिए हैं। इसके साथ TVS का बड़ा सर्विस नेटवर्क भी एक अहम प्लस पॉइंट है। कंपनी का दावा है कि 3,000 से ज्यादा शहरों में उसके 3,300 से ज्यादा टचपॉइंट हैं।
कीमत की बात करें तो iQube की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत Rs 95,124 है, जिसमें PM E-DRIVE के तहत मिलने वाले फायदे शामिल हैं। यह स्कूटर 2020 में लॉन्च हुआ था और जून 2026 में इसने 10 लाख यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार किया। फिर भी EV मार्केट में Bajaj Chetak, Ather और Ola जैसे ब्रांड्स से कड़ी टक्कर है। ऐसे में iQube की रेंज, फीचर्स, कम रनिंग कॉस्ट और सर्विस नेटवर्क ही आगे भी उसकी असली ताकत रहेंगे।