मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
18:52 IST

ट्रम्प ने शी जिनपिंग का व्हाइट हाउस में 21 तोपों की सलामी के साथ किया स्वागत

10 साल बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका दौरे पर पहुंचे, ट्रम्प ने खुद एयरपोर्ट जाकर किया स्वागत

ट्रम्प ने शी जिनपिंग का व्हाइट हाउस में 21 तोपों की सलामी के साथ किया स्वागत
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पूरे 10 साल बाद अमेरिका के राजकीय दौरे पर पहुंचे हैं। इस दौरे को इतना अहम माना जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आम प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद एयरपोर्ट जाकर शी जिनपिंग का स्वागत किया। आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी नेताओं का स्वागत व्हाइट हाउस के प्रांगण में करते हैं, लेकिन ट्रम्प का सीधे रनवे पर जाकर चीनी राष्ट्रपति को यह सम्मान देना दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है।

वॉशिंग्टन डीसी के बाहर जॉइंट बेस अंड्रयूज एयर बेस पर जैसे ही चीनी राष्ट्रपति का विशेष विमान उतरा, ट्रम्प ने अपनी पत्नी और अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प के साथ शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर अमेरिकी सेना के बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाकर सलामी दी। स्वागत का सबसे बड़ा आकर्षण रहा अमेरिकी वायुसेना के एफ-22 और एफ-16 लड़ाकू विमानों के साथ-साथ भारी-भरकम बी-1 बॉम्बर का शानदार हवाई प्रदर्शन। इस भव्य स्वागत के जरिए अमेरिका ने चीन के साथ रिश्तों में नया मोड़ लाने के साफ संकेत दिए हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही अमेरिका और चीन, दुनिया की इन दो बड़ी ताकतों के बीच रिश्ते काफी संवेदनशील और तनावपूर्ण रहे हैं। ट्रम्प सरकार ने चीन पर जो भारी आयात शुल्क लगाया, टेक्नोलॉजी सेक्टर में मुकाबला और ट्रेड वॉर की टेंशन की वजह से दोनों देशों के बीच बातचीत धीमी पड़ गई थी। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में ईरान युद्ध की पृष्ठभूमि और ताइवान के मुद्दे पर बनी दूरी ने भी दुनिया भर की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे। ऐसे मुश्किल हालात में शी जिनपिंग का यह 3 दिन का अमेरिका दौरा काफी अहम माना जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, ट्रम्प का खुद रनवे पर मौजूद रहकर ऐसी आपसी नजदीकी दिखाना, दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा राजनयिक कदम है।

शी जिनपिंग का यह दौरा बेहद व्यस्त कार्यक्रमों से भरा रहेगा। दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग और उनके शिष्टमंडल के सम्मान में एक शाही भोज रखा गया है, जिसमें ट्रम्प सरकार के सीनियर कैबिनेट मंत्री, अमेरिका के बड़े उद्योगपति, टेक्नोलॉजी कंपनियों के नामी सीईओ और कई खास मेहमान शामिल होंगे। इस भोज से पहले व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रम्प और शी जिनपिंग के बीच बंद कमरे में अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। दौरे के आखिरी दिन दोनों नेता अपनी पत्नियों के साथ व्हाइट हाउस में अनौपचारिक चाय पर मिलेंगे, इसके बाद दोनों नेता वॉशिंगटन के नेशनल आर्काइव्ज जाएंगे, जहां अमेरिका का ऐतिहासिक स्वतंत्रता का घोषणापत्र सुरक्षित रखा गया है। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक नजदीकी दिखाने के लिहाज से खास माना जा रहा है।

इस ऐतिहासिक बैठक में मुख्य रूप से दोनों देशों के बीच व्यापार और टैरिफ का मुद्दा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मिडिल ईस्ट में ईरान युद्ध और दुनिया की रणनीतिक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर गहरी बातचीत होने की उम्मीद है। खासकर टेक्नोलॉजी के इस दौर में एआई और सेमीकंडक्टर सेक्टर में दबदबे को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तगड़ा मुकाबला चल रहा है। हालांकि इंटरनेशनल जानकारों का मानना है कि इस बैठक में एआई टेक्नोलॉजी पर कोई बड़ा या व्यापक समझौता होने की गुंजाइश काफी कम है, क्योंकि दोनों देश इस टेक्नोलॉजी को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य क्षमता का मुख्य आधार मानते हैं। फिर भी दोनों देशों के बीच व्यापार के रास्ते खोलने, आपसी टैरिफ बढ़ोतरी रोकने और ईरान युद्ध के दौरान दुनिया भर में तेल की सप्लाई व सुरक्षा बनाए रखने को लेकर दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक सहमति बनने की उम्मीद है। इस बैठक से निकलने वाले नतीजे आने वाले समय में पूरी दुनिया की इकोनॉमी और पॉलिटिक्स की दिशा तय करेंगे, इसमें कोई शक नहीं है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे